हर दिन मुश्किल होते लाइफस्टाइल का असर सेहत पर भी पड़ता है। हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में न चाहते हुए कई ऐसे तनाव दाखिल हो ही जाते हैं जो दिल और दिमाग़ के साथ शरीर को भी थकते हैं। आज की तेज़रफ़्तार जिंदगी में काम का दबाव और असंतुलित खाना इस क्रम को और भी बिगड़ रहा है। इन आदतों का असर धीरे-धीरे दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है।
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट बताती है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनी पूरी लाइफस्टाइल बदलने की जरूरत नहीं है। छोटी-छोटी अच्छी आदतें भी बड़ा फर्क डाल सकती हैं।
रिपोर्ट में कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ जेरेमी लंदन ने 8,000 से ज्यादा हार्ट ऑपरेशन किए हैं। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर ऐसी 5 चीजों के बारे में बताया है, जिनसे वह खुद दूरी बनाए रखते हैं।
इनमें स्मोकिंग, ज्यादा प्रोसेस्ड खाना, लंबे समय तक बैठे रहना, अकेलापन और लगातार तनाव जैसी रोज की आदतें शामिल हैं। खास बात यह है कि इनसे बचने के लिए किसी कठिन रूटीन की जरूरत नहीं है। बस अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़े बदलाव करके दिल की सेहत का बेहतर ख्याल रखा जा सकता है।
धूम्रपान से रहें दूर
डॉ. जेरेमी लंदन सिगरेट, वेप और गांजा पीने से बचने की सलाह देते हैं। धुएं में मौजूद हानिकारक पदार्थ दिल और रक्त वाहिकाओं पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसलिए दिल की सेहत के लिए धूम्रपान छोड़ना सबसे जरूरी कदमों में से एक है।
पैकेट वाले खाने से बचें
चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और दूसरे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर ज्यादा नमक, चीनी और खराब फैट होता है। डॉक्टर की सलाह है कि खाने में ताजे फल, सब्जियां, दाल, साबुत अनाज और घर का बना खाना ज्यादा शामिल करें।
घंटों बैठे न रहें
आजकल काम के दौरान कई लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं। डॉ. लंदन के मुताबिक, हमारा शरीर लगातार बैठे रहने के लिए नहीं बना है। रोज थोड़ा चलना भी अच्छी शुरुआत है। खाने के बाद 10 मिनट की वॉक जैसी छोटी आदत भी फायदेमंद हो सकती है।
अकेलेपन को नजरअंदाज न करें
दिल की सेहत का संबंध सिर्फ खान-पान और एक्सरसाइज से नहीं है। लंबे समय तक अकेलापन भी शरीर और दिमाग पर असर डाल सकता है। परिवार, दोस्तों और करीबी लोगों के साथ समय बिताना और उनसे जुड़े रहना जरूरी है।
लंबे समय तक तनाव न पालें
लगातार तनाव रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिल पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय उसे कम करने की कोशिश करनी चाहिए। अच्छी नींद, एक्सरसाइज, आराम और अपनों के साथ समय बिताना इसमें मदद कर सकता है।
खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता
डॉ. लंदन का कहना है कि इन आदतों को अपनाने से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। लेकिन स्वस्थ जीवनशैली और जोखिम कारकों पर नियंत्रण दिल को बेहतर स्थिति में रखने में मदद कर सकता है।
इन उपायों के साथ ज़रूरी है कि नियमित जाँच अवश्य कराएं और सेहत से जुड़े किसी भी नए रूटीन को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य सलाह लें।