2023 में वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि बरक़रार

वाशिंगटन: प्रदूषणकारी गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तमाम प्रयासों के बावजूद इन गैसों की मात्रा में वृद्धि जारी रही। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में पृथ्वी के वायुमंडल में छोड़ी जाने वाली इन गैसों की मात्रा में कोई कमी नहीं आयी जबकि इस उत्सर्जन को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर लगातार कोशिशें की जा रही हैं।

2023 में वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि बरक़रार

राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (National Oceanic and Atmospheric Administration) की नई रिपोर्ट के अनुसार, मानव गतिविधियों के कारण वायुमंडल को बनाने वाली तीन प्रमुख गैसें यानी कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड में पिछले सालों की तरह तो बढ़ोतरी नहीं हुई है अलबत्ता पिछले दशक के दौरान इसमें बढ़ोतरी देखी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार कार्बन डाइऑक्साइड को मुख्य ग्रीनहाउस गैस माना जाता है।

एजेंसी की ग्लोबल मॉनिटरिंग लेबोरेटरी, जो हवा के नमूने एकत्र करने के बाद उनका विश्लेषण करती है के निदेशक वांडा ग्रुबिस्की के मुताबिक़- “ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में सार्थक परिणाम प्राप्त करने के लिए हमें बहुत काम करना है।”

प्रयोगशाला में किये जाने वाले विश्लेषण से पता चलता है कि 2023 में वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में प्रति मिलियन 2.8 भाग की वृद्धि हुई। बारह महीने की 419.3 पीपीएम की औसत वृद्धि कार्बन डाइऑक्साइड के पूर्व-औद्योगिक स्तर से 50 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

पिछला वर्ष लगातार बारहवां वर्ष था जब वैश्विक सांद्रता में 2 पीपीएम से अधिक की वृद्धि हुई। पिछले 65 वर्षों से संस्था की देख-रेख में कार्बन डाइऑक्साइड की मौजूदगी की दर में यह सबसे लंबी वृद्धि है।

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