मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा के तनाव को ध्यान में सीबीएसई ने कक्षा दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए मुफ्त काउंसलिंग सेवा शुरू की है। यह साइको-सोशल काउंसलिंग पहली जून 2026 तक चलेगी।

बोर्ड के अनुसार, “इस पहल का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े तनाव और भावनात्मक समस्याओं को दूर करना है, ताकि छात्र 17 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली थ्योरी परीक्षाओं का सामना आत्मविश्वास, संतुलन और मानसिक स्पष्टता के साथ कर सकें।”
छात्रों में बढ़ते परीक्षा तनाव और भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने यह पहल की है। सीबीएसई के अनुसार, यह वार्षिक मुफ्त काउंसलिंग सेवा का पहला चरण है। छह जनवरी से शुरू होने वाली यह सेवा पहली जून 2026 तक जारी रहेगी। इस टेलीकम्युनिकेशन सेवा का लाभ छात्र और अभिभावक सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक ले सकते हैं। शनिवार और रविवार को यह सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।
इस पैनल में योग्य मनोवैज्ञानिक सहित सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल, काउंसलर, स्पेशल एजुकेटर और शामिल हैं। काउंसलिंग सुविधा के तहत छात्र और अभिभावक 73 प्रशिक्षित विशेषज्ञों से परामर्श कर सकते हैं। बताते चलें कि पैनल के 63 काउंसलर भारत में स्थित हैं, जबकि 12 काउंसलर नेपाल, जापान, कतर, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात से सेवाएं दे रहे हैं।
यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसके लिए 1800-118-004 पर कॉल कर 24×7 आईवीआरएस सपोर्ट सिस्टम का भी उपयोग कर सकते हैं। आईवीआरएस सिस्टम के माध्यम से सीबीएसई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। इसमें छात्रों को तनाव मुक्त तैयारी के अलावा समय और तनाव प्रबंधन एवं अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब से जुड़ी जानकारी देने की व्यवस्था है।
बोर्ड परीक्षा को लेकर आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल
सीबीएसई ने कहा है कि यह पहल छात्रों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
सीबीएसई ने बताया कि तनाव प्रबंधन, प्रभावी अध्ययन रणनीतियों और भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े चयनित संसाधन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर भी उपलब्ध हैं। बोर्ड ने अपील की है कि वे इन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे परीक्षा अवधि के दौरान मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बने रह सकें।













