एलडीए से नक्शा पास कराना है तो पहले बनवानी होगी फायर एनओसी

अब सभी इमारतों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दी गई है। यह फैसला लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लखनऊ अग्निकांड के बाद लिया है।


लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सभी भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दी है।अलीगंज अग्निकांड के बाद अब बिना फायर एनओसी यानी अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र के नक्शा पास नहीं होगा। साथ ही पहले से बने भवनों के लिए भी आदेश है कि तीन महीने के भीतर एनओसी जमा करें।

लखनऊ विकास प्राधिकरण वीसी प्रथमेश कुमार ने मीडिया को बताया है कि नई व्यवस्था से भवनों में अग्नि सुरक्षा मजबूत होगी। दुर्घटनाओं की रोकथाम होगी और नागरिकों की सुरक्षा बेहतर हो सकेगी।

प्राधिकरण द्वारा बनाए गए इन नए नियमों का उद्देश्य भवनों में अग्नि सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा मजबूत करना है। एलडीए ने अलीगंज अग्निकांड के बाद अब नक्शा पास करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।

बताते चलें कि अभी तक 15 मीटर तक की ऊंचाई वाले बहुमंजिला मकान तथा 500 वर्ग मीटर से कम फर्श क्षेत्रफल वाले होटलों को फायर एनओसी से छूट थी मगर अब उनका मानचित्र भी तभी पास होगा जब फायर एनओसी होगी। इस बदलाव के साथ अब सभी भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य कर दी गई है।

याद दिला दें कि जून महीने की 22 तारीख को लखनऊ के अलीगंज में एक बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। कॉमर्शियल रूप में इस्तेमाल होने वाली यह ईमारत दरअसल आवासीय ज़मीन पर बनी थी। जांच के बाद यह भी पता चला कि ईमारत में आग से बचाव को लेकर जरूरी उपाय नहीं किए गए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स से यह भी जानकारी मिली कि करीब 2000 वर्ग फीट के प्लॉट पर बनी यह बिल्डिंग बेसमेंट के अलावा तीन मंजिला थी और इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।

बेसमेंट तकनीक के कारण ईमारत की ऊंचाई जमीन से 15 मीटर से कम ही थी। यह माप मानचित्र पास किए जाने के नियम के तहत थी, क्यूंकि फायर एनओसी 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए ही अनिवार्य है।

वहीँ अब इस घटना को देखते हुए एलडीए ने 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों में भी आग लगने की घटनाओं और देखते हुएइस नियम में बदलाव किया है।

एलडीए द्वारा 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों के लिए भी फायर एनओसी अनिवार्य कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवा अधिनियम-2022 और नियमावली-2024 के तहत नए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

बीते कुछ वर्षों में कम ऊंचाई वाले व्यावसायिक भवनों में बढ़ती हुई आग की घटना पर एलडीए का कहना है कि अब ऐसे सभी भवनों पर विशेष निगरानी रहेगी, जहां लोगों की आवाजाही अधिक होती है। इनमें अस्पताल और स्कूल-कॉलेज के अलावा होटल, गेस्ट हाउस, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, बैंक, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, जिम, सिनेमा, थिएटर, संस्थागत और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतें शामिल हैं।

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