सही संतुलन ढूंढना टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती

ट्रेंट ब्रिज, 03 अगस्त : विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से मिली हार के बाद भारतीय टीम के सामने बुधवार से यहां इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रहे पहले क्रिकेट टेस्ट में सही एकादश चुनना एक बड़ी चुनौती होगी।

सही संतुलन ढूंढना टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती

भारत ने न्यूज़ीलैंड से हार के बाद इंग्लैंड से एक अभ्यास मैच का आग्रह किया था और यह अभ्यास मैच उसे मिल भी गया था, हालांकि इस अभ्यास मैच में नियमित कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान अजिंक्या रहाणे पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण खेल नहीं सके थे। टीम के दोनों शीर्ष बल्लेबाजों को पहले टेस्ट से पूर्व अभ्यास की कमी कुछ परेशान कर सकती है।

भारतीय ओपनर मयंक अग्रवाल अपने हेलमेट में गेंद लगाने के कारण कन्कशन के शिकार हुए हैं और पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं। मयंक के बाहर होने से लोकेश राहुल को अंतिम एकादश में मौका मिलाने की पूरी सम्भावना है। चेस्टर ली स्ट्रीट में खेले गए अभ्यास मैच में लोकेश राहुल (101) ने काउंटी सेलेक्ट एकादश के खिलाफ पहले दिन शानदार शतक बनाकर पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में जगह बनाने के लिए अपना दावा मजबूती के साथ पेश किया था।

राहुल मध्य क्रम के बल्लेबाज हैं लेकिन आईपीएल में वह पंजाब टीम की तरफ से खेलते हुए ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं। टीम राहुल को ओपनिंग में मौका देने के बारे में सोच सकती है और वह रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग में उतर सकते हैं। राहुल को इस मामले में युवा ओपनर पृथ्वी शॉ से चुनौती मिल सकती है। पृथ्वी को श्रीलंका से सीधे टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।


भारत का लक्ष्य रहेगा कि वह टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल की हार को भुलाते हर इस टेस्ट सीरीज में नए सिरे से शानदार शुरुआत करे।


चेतेश्वर पुजारा विश्व चैंपियनशिप फ़ाइनल और अभ्यास मैच में अपने पूरे रंग में नहीं दिखाई दिए थे जो भारतीय टीम के लिए कुछ चिंता की बात है। विराट अपने नियमित चौथे नंबर पर उतरेंगे। विराट पर भारतीय बल्लेबाजी की उम्मीदों का दारोमदार रहेगा। उपकप्तान रहाणे का नंबर विराट के बाद रहेगा जबकि युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को छठे नंबर पर उतारा जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन इस पहले मुकाबले में अपने दोनों स्पिनरों ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा को उतरता है या फिर उनमें से किसी एक को मौका देता है।

दोनों स्पिनरों को उतारने की सूरत में भारत तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकता है। इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी इन तीन जगहों के दावेदार होंगे। एक स्पिनर को खेलाने की हालत में भारत चौथे तेज गेंदबाज के साथ जा सकता है। चौथे तेज गेंदबाज के लिए उमेश यादव, मोहम्मद सिराज और शार्दुल ठाकुर के बीच मुकाबला हो सकता है।

गेंदबाजी आक्रमण में संतुलन बनाना भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। भारत ने इस साल के शुरू में इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज 3-1 के अंतर से जीती थी जबकि भारत ने इंग्लैंड से 2018 में पांच मैचों की सीरीज 1-4 से गंवाई थी। भारत ने इस साल ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की सीरीज 2-1 से जीती थी और इंग्लैंड से घरेलू सीरीज का पहला टेस्ट हारने के बावजूद वापसी करते हुए अगले तीन टेस्ट जीतकर सीरीज 3-1 से अपने नाम की। भारत का लक्ष्य रहेगा कि वह टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल की हार को भुलाते हर इस टेस्ट सीरीज में नए सिरे से शानदार शुरुआत करे।

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