GST में शामिल होगा पेट्रोल-डीजल लेकिन लागू करने की तारीख नहीं हुई तय

लखनऊ: लंबे समय से पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाने पर चर्चा हो रही थी। अब ऐसे में इस चर्चा पर विराम लगाते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने ऐलान कर दिया है कि संवैधानिक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत पहले ही लाया जा चुका है। अब बस ये तय होना बाकि है कि पेट्रोलियम उत्पादों पर जीएसटी टैक्स कब लागू होगा।

 

इस मामले में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि जीएसटी परिषद को अब ये तय करना है कि पेट्रोलियम उत्पादों पर कौन सी तारीख से जीएसटी टैक्स लागू होगा। उन्होंने ये भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 297ए(5) में ये बात कही गई है।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल-डीजल पर दिया बयान
उन्होंने कहा, “इस प्रकार पेट्रोलियम उत्पादों को संवधानिक रूप से जीएसटी के तहत लाया गया है लेकिन उनपर जीएसटी लगाने की तिथि जीएसटी परिषद के फैसले के आधार पर तय होगी। जीएसटी परिषद में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त या कराधान प्रभारी मंत्री शामिल हैं।”

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही वृद्धि के मसले पर प्रधान ने कहा कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों का निर्धारण क्रमश: 26 जून 2010 और 19 अक्टूबर 2014 से बाजार के हवाले कर दिया है।

उन्होंने कहा, “तब से तेल विपणन कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उत्पादों की कीमतों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों के निर्धारण पर समुचित फैसले लेती हैं। ”

मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है जोकि चार अक्टूबर 2017 से लागू है। केंद्र सरकार ने राज्यों की सरकारों से भी उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल पर वैट में कटौती करने का आग्रह किया है।

उन्होंने बताया कि पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर वैट में कटौती की गई है।

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