आज ‘ब्लैक डे’ मनाएंगे किसान संगठन, मृतक किसान के परिवार के लिए मांगे एक करोड़

किसान की मौत के विरोध में आज किसान साथी काला दिवस मना रहे हैं। पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर मौजूद इन किसानों की मांग है कि मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए साथ ही मारने वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।

आज 'ब्लैक डे' मनाएंगे किसान संगठन, मृतक किसान के परिवार के लिए मांगे एक करोड़

किसानों की मांग है कि मृतक किसान के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले और मारने वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।


देश भर के किसान 21 वर्षीय किसान साथी शुभकरण सिंह की मौत पर ब्लैक डे मन रहे हैं। शुभकरण की हरियाणा पुलिस और पंजाब के किसानों के बीच झड़प के दौरान मौत हो गई थी।

किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को पंजाब के संगरूर जिले के खनौरी प्वाइंट पर पुलिस ने रोक दिया था। शुभकरण सिंह की मौत पर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि हमने पंजाब सरकार से बातचीत की थी। हमारी मांग है कि हमला करने वालों के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाए। पंजाब सरकार शुभकरण सिंह को ‘शहीद’ का दर्जा दे। उन्होंने बताया कि अभी तक पंजाब सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

किसान नेता पंढेर ने आगे जानकारी दी कि मृतक किसान शुभकरण सिंह का शव अस्पताल में पड़ा हुआ है। पंजाब सरकार हमारे शहीदों की शहादत का अपमान कर रही है, यह निंदनीय है।

किसान नेता के मुताबिक़, पंजाब सरकार के साथ उनकी बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस घटना स्थल की जांच की बात कह रही है। चाहे वह पंजाब में हो या हरियाणा में। पंढेर का कहना है कि मुझे नहीं लगता कि हम अभी शुभकरण सिंह का अंतिम संस्कार कर पाएंगे।

इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का कहना है कि भारत सरकार द्वारा उन्हें कुछ खास अकाउंट और पोस्ट पर कार्रवाई करने को कहा गया है। आईटी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के अनुरोध पर किसानों के प्रदर्शन से जुड़े 177 सोशल मीडिया अकाउंट, वेब लिंक ब्लॉक करने का आदेश दिया है।

आदेश मानते हुए उन्होंने केवल भारत में इन अकांउट और पोस्ट पर रोक लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने इससे असहमति भी जताई है। साइट के मुताबिक़ ये पोस्ट, अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में आनी चाहिए। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है और कहा है कि जनता इसका जवाब देगी।

गौरतलब है कि पंजाब के किसान अपनी फसलों के लिए केंद्र सरकार से एमएसपी पर कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं। हजारों किसान पिछले 11 दिनों से शंभू बॉर्डर डटे हुए हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली मार्च की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां मौजूद सुरक्षा बल उन्हें आगे बढ़ने नहीं दे रहे हैं।

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