फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली

बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शुक्रवार को वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शपथ ली। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद आलमगीर ने कैबिनेट में 5 नए सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। अब कैबिनेट में प्रधानमंत्री समेत कुल 55 सदस्य हैं।

बीएनपी यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के महासचिव रहे आलमगीर को जातीय संसद के कार्यवाहक अध्यक्ष कैसर कमाल ने बंगभवन के दरबार हॉल में पद की शपथ दिलाई। बताते चलें कि बंगभवन बांग्लादेश के राष्ट्राध्यक्ष का आधिकारिक कार्यालय-सह-आवास है।

राष्ट्रपति पद की इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री तारिक रहमान, विपक्ष के नेता शफीकुर रहमान, पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, कैबिनेट मंत्री, सेना के शीर्ष अधिकारी और कई अन्य अधिकारी शामिल हुए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।

बांग्लादेशी संविधान के तहत, राष्ट्रपति का पद रिक्त होने के 90 दिनों के भीतर नये राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना आवश्यक है। गत 12 फरवरी को हुए चुनाव में सत्ता में आई बीएनपी के पास वर्तमान में संसद में दो-तिहाई बहुमत है।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के ही शमीम कैसर लिंकन और प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। वहीं, नागरिक उड्डयन और पर्यटन राज्य मंत्री राशिदुज्जमान मिल्लत ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। पार्टी की स्थायी कमेटी के सदस्य अब्दुल मोइन खान, बांग्लादेश जातीय पार्टी के अध्यक्ष अंदलीव रहमान और बीएनपी सांसद सा चिंग प्रू ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

आलमगीर ने इस शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व बीएनपी के संस्थापक जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की कब्रों पर पहुंचकर फातिहा पढ़ा। आलमगीर ने अपने प्रतिद्वंद्वी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के अध्यक्ष एवं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को शिकस्त दी थी।

बताते चलें कि बांग्लादेश में इस पद के लिए पिछले कुछ दशकों में आमतौर पर सर्वसम्मति से या निर्विरोध चयन होता रहा है। इस पद के लिए 35 साल में पहली बार हुए चुनावी मुकाबले में 78 वर्षीय आलमगीर ने 255 मत हासिल किये वहीँ ओली अहमद को 88 मत मिले। यह 1991 के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए ऐसा पहला चुनाव है, जिसमें मुकाबला हुआ है।

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