एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में मौजूद थर्मल पावर प्लांट पर एनवायर्नमेंटल पेनल्टी लगाई है। यह कदम कानूनी नियमों का पालन न करने पर उठाया गया है। ये कमीशन वायु प्रदूषण की रोकथाम, निगरानी और नियंत्रण, विशेष रूप से पराली जलाने जैसी समस्याओं का समाधान करता है।
सीएक्यूएम ने एनसीआर और आस पास के छह थर्मल पावर प्लांट पर करीब 61.85 करोड़ रुपये की एनवायर्नमेंटल पेनल्टी लगाई है। कानूनी नियमों की अनदेखी से जुड़े इन मामलों में कमीशन ने इन थर्मल पावर प्लांट को इस साल 15 अप्रैल तक एनवायर्नमेंटल पेनल्टी जमा करने और इसका सबूत जमा करने का निर्देश दिया है।
2024-25 के समय के लिए कम्प्लायंस रिव्यू के दौरान थर्मल पावर प्लांट कम्प्लायंस नहीं करते पाए गए। यह कार्रवाई बायोमास को-फायरिंग के अनिवार्य नियमों का पालन न करने के कारण की गई है। आयोग ने इस दिशा में समीक्षा बैठकें, हितधारकों के साथ परामर्श और संयुक्त निरीक्षण के माध्यम से नियमों के पालन की निगरानी भी की।
नियमों के तहत सभी कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स को कोयले के साथ 5 प्रतिशत बायोमास पेललेट या ब्रिकेट मिलाकर उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए न्यूनतम 3 प्रतिशत को-फायरिंग का लक्ष्य तय किया गया था, ताकि इससे कम उपयोग होने पर पर्यावरणीय पेनल्टी लगाई जा सके।
बताते चलें कि इन नियमों का मक़सद, पराली जलाने के मामलों पर पाबन्दी लहाने के साथ फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करना और एनसीआर व आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को कंट्रोल करना है।
बताते चलें कि राष्ट्रीय राजधानी और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) एक वैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना अगस्त 2021 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से की गई थी।
यह उत्तर प्रदेश सहितब दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, अनुसंधान करने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए जिम्मेदार है, जो मुख्य रूप से NCR की हवा को प्रभावित करते हैं।