क्या शहरी पक्षी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं से ज़्यादा डरते हैं? दिलचस्प जानकारी वाली रिसर्च

एक नई स्टडी से पता चला है कि शहरों में रहने वाले पक्षी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं से ज़्यादा डरते हैं। वैज्ञानिकों की इस जानकारी को हैरतअंगेज़ बताया जा रहा है कि यूरोप में पाई जाने वाली दर्जनों आम पक्षी किसी पुरुष की तुलना में किसी महिला के आने पर अधिक विचलित हो जाती हैं।

फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, स्पेन और चेकिया में किए गए प्रयोगों में, शोधकर्ताओं ने पाया कि जब कोई महिला उनकी ओर आती है तो शहरी पक्षी जल्दी ही डरकर पीछे हट जाते हैं। स्टडी में पाया गया कि पुरुष, महिलाओं के मुकाबले पक्षियों को तब तक शांत रख पाए जब तक वे औसतन एक मीटर पास नहीं आ गए।

दिसंबर 2025 में ‘पीपल एंड नेचर’ जर्नल में छपी एक स्टडी के दौरान, रिसर्चर्स ने पांच यूरोपियन देशों के शहरों में पाए जाने वाले पक्षियों की 37 अलग-अलग प्रजातियों को देखा और नतीजों से पता चला कि ये पक्षी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के पास आने पर तेज़ी से उड़ जाते हैं।

स्टडी के नतीजों के मुताबिक, पक्षी अपने पास आने वाले इंसानों का जेंडर पहचान सकते हैं। इस स्टडी के दौरान, रिसर्चर्स ने ध्यान से जांच की कि जब कोई पक्षी किसी इंसान के पास आता है तो वह अपनी जगह छोड़कर कितनी दूर उड़ जाता है।

हालाँकि इस बारे में यूनिवर्सिटी ऑफ़ वाशिंगटन के प्रोफेसर जॉन मार्ज़लॉफ़ का कहना है कि ये रिसर्च के नतीजे शुरुआती हैं। हालांकि पक्षियों में इंसानों को पहचानने की क्षमता होती है, लेकिन जेंडर के आधार पर उनके अलग-अलग रिएक्शन के साइंटिफिक कारण अभी तक पूरी तरह से समझ में नहीं आए हैं।

इटली के ट्यूरिन विश्वविद्यालय के जीवविज्ञानी फेडेरिको मोरेली का इस बारे में मत हैं, ‘यह शायद हमारे अध्ययन का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।’ वहीँ प्राग स्थित चेक यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज की पारिस्थितिकीविद् यानिना बेनेडेट्टी कहती हैं, ‘इस क्षेत्र में एक महिला के रूप में, मुझे आश्चर्य हुआ कि पक्षियों ने हमारे प्रति अलग तरह से प्रतिक्रिया दी।’

इस पर शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि उन्होंने एक घटना की पहचान तो कर ली है, लेकिन उन्हें खुद भी वास्तव में यह नहीं पता कि ऐसा क्यों हो रहा है। शोधकर्ताओं ने कुल 37 पक्षी प्रजातियों को शामिल करते हुए 2,000 से अधिक दृष्टिकोणों का विश्लेषण किया। ऐसा प्रतीत हुआ कि पक्षी पास आ रहे मनुष्यों के बीच सूक्ष्म अंतरों को पहचान रहे थे। प्रत्येक अवलोकन के लिए, लगभग समान ऊंचाई और एक ही रंग के कपड़े पहने हुए पुरुष और महिला प्रतिभागियों की एक जोड़ी एक पक्षी के पास पहुंची।

फिलहाल यह शोधकर्ता अपने काम को अभी शुरूआती स्टेज में ही पाते हैं। शोधकर्ताओं को यह भी नहीं पता कि पक्षी मनुष्यों के लिंग और/या स्त्रीलिंग में अंतर कैसे कर पाते हैं।

इस पर कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स के संरक्षण जीवविज्ञानी डैनियल ब्लमस्टीन कहते हैं, ‘मैं अपने परिणामों पर पूरी तरह से विश्वास करता हूं कि शहरी पक्षी उनके पास आने वाले व्यक्ति के लिंग के आधार पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन मैं अभी उनकी व्याख्या नहीं कर सकता।’ इसका कारण बताते हुए उनका कहना है कि हमारे पास अभी तक कोई निर्णायक स्पष्टीकरण नहीं है।

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