भारत और चीन के बीच पांच साल बाद हवाई सेवा फिर से बहाल हो गई है। अब से साल पहले कोविड महामारी के दौरान 2020 की शुरुआत में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें निलंबित कर दी गई थीं।

इस शुरुआत पर भारत सरकार का कहना है कि उड़ानों की बहाली से लोगों का आवागमन और कारोबार बढ़ेगा साथ ही ‘द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने’ में मदद मिलेगी।
कोलकाता से गुआंगझोउ के बीच चलने वाली इस फ्लाइट से दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन और व्यापार को सरल बनाया जा सकेगा। इस सफर की शुरुआत में भारत के कोलकाता से करीब 180 यात्रियों को लेकर इंडिगो की फ़्लाइट 6ई-1703 सोमवार को चीन के ग्वांगझोउ पहुंची।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष अगस्त में सात साल बाद चीन की यात्रा पर गए और इस बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी भारत का दौरा किया। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा फिर से शुरू करने के फैसले ने उड़ानों को फिर से शुरू करने का रास्ता खोल दिया।
महामारी के बाद उसी वर्ष लद्दाख के गलवान में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद उड़ानें दोबारा शुरू नहीं हो सकी थीं। हालांकि अब दोनों देशों के संबंध धीरे-धीरे सुधर रहे हैं. पिछले साल दोनों पक्षों ने सीमा पर गश्त से जुड़ा एक ऐतिहासिक समझौता भी किया था।
गौरतलब है कि एयरबस ए320 नियो रात दस बजे रवाना हुई। यह इंडिगो द्वारा 10 नवंबर को दिल्ली-गुआंगझोउ सेवा शुरू करने से लगभग एक पखवाड़े पहले था। चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस एक दिन पहले अपनी शंघाई-दिल्ली उड़ान फिर से शुरू करने वाली है। जनवरी में विदेश सचिव विक्रम मिस्री की यात्रा के दौरान दिल्ली और बीजिंग ने हवाई सेवाएं बहाल करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी।
