तुर्की में इन दिनों तलाक़ का एक अनोखा मामला सुर्खियों में है। यहाँ एक व्यक्ति तलाक के समझौते के तहत अपनी पत्नी को अपनी दो बिल्लियों की देखभाल के लिए हर तीन महीने पर एक निर्धारित रक़म देने पर सहमत हुआ है।

इस्तांबुल निवासी बोगरा बे ने आपसी सहमति से अपनी पत्नी एज़गी बे से तलाक के लिए अर्जी दी है। इस केस की दिलचस्प बात यह है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से कोई आर्थिक मुआवज़ा या गुजारा भत्ता नहीं माँगा है मगर उन्होंने तलाक के कागज़ात में एक अनोखा प्रावधान ज़रूर शामिल किया, जो पालतू जानवरों वाले जोड़ों से जुड़े भविष्य के मामलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।
तलाक के आदेश में कहा गया है कि बोगरा बी की दो बिल्लियाँ एज़गी बी के पास रहेंगी। समझौता के तहत बुगरा बी नामक व्यक्ति अपनी पूर्व पत्नी एजगी बी को अपनी दो बिल्लियों की देखभाल के लिए 10,000 तुर्की लीरा का भुगतान करेगा। मज़ेदार बात यह है कि भुगतान की राशि में हर साल तुर्की में मुद्रास्फीति दर के अनुसार वृद्धि की जाएगी।
गौरतलब है कि तुर्की के कानून के मुताबिक़, पालतू जानवरों को अभी भी चल संपत्ति (movable property) माना जाता है। हालाँकि हाल के वर्षों में अदालतें तलाक के मामलों में जानवरों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए समझौतों को मंजूरी दे रही हैं।
इस अनूठे समझौते को तुर्की में पहले से ही ‘नए प्रकार के भत्ते’ के रूप में वर्णित किया जा रहा है, जो तलाक के बाद पालतू जानवरों के वित्तीय समर्थन से संबंधित मामलों के लिए एक नई कानूनी मिसाल कायम कर सकता है।
