चीता प्रोजेक्ट के तहत अफ्रीका के बोत्सवाना से 9 चीतों की खेप मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंच चुकी है। इसे भारत के चीता प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

बोत्सवाना से आए इन चीतों में छह मादा और तीन नर चीते हैं। हज़ारों मील दूर से लाये गए इन छतों के लिए इंडियन एयर फोर्स के हवाई जहाज से सुविधा ली गई और इन्हें पहले ग्वालियर लाया गया। शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे हेलीकॉप्टर से चीतों की खेप बोत्सवाना से ग्वालियर एयरबेस पर पहुंची। यहाँ से इन्हें कूनो नेशनल पार्क पहुँचाया गया।
भारत में इन चीतों का स्वागत करने के लिए केंद्रीय बन मंत्री भूपेंद्र यादव कूनो नेशनल पार्क पहुंचे और उन्होंने क्वारंटाइन के लिए बनाये बाड़े में दो चीतों को रिलीज किया।
याद दिला दें कि साल 2022 में पहली बार भारत में चीतों की वापसी हुई थी। कुनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से आए 9 चीतों की इस खेप के आने के बाद भारत में चीता प्रोजेक्ट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
बोत्सवाना से लाये गए इन चीतों को भारत के जलवायु और वातावरण में ढलने के लिए एक बाड़े में क्वारंटाइन किया गया है। यहाँ इनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
नए चीतों के आने से अब भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 48 हो चुकी है. अब तक कूनो नेशनल पार्क में 36 चीते थे, जिनमें 26 व्यस्क और 10 शावक थे. व्यस्कों में 14 नर चीते और 12 मादा चीता रह रही हैं. वहीं अब 9 नए वयस्क चीतों के आने से कूनो में कुल 45 वयस्क चीते हो गए हैं, वहीं नर चीतों की संख्या 17 और मादा चीतों की संख्या 18 हो गई है. इनके अलावा मध्य प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में भी 3 चीते शिफ्ट किए जा चुके हैं.
बताते चलें कि इस फरवरी के महीने में कूनो में रह रही मादा चीता गामिनी ने शावकों को जन्म दिया था। यहाँ से पहले तीन शावक पैदा होने की जानकारी मिली थी लेकिन शुक्रवार को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने चौथे चीता शावक की अधिकारिक जानकारी साझा की।
