बीएसएनएल के राजस्व का 75 प्रतिशत सिर्फ कर्मचारियों के वेतन में ही चला जाता है

नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का 75 प्रतिशत राजस्व सिर्फ कर्मचारियों के वेतन आदि पर व्यय हो जाता है लेकिन इस कंपनी को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए पूंजी निवेश करने की तैयारी चल रही है।

संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी देते हुए कहा कि बीएसएनएल के राजस्व का 75 प्रतिशत राजस्व सिर्फ कर्मचारियों के वेतन पर व्यय हो जा रहा है जबकि निजी क्षेत्र की कंपनियों में यह बहुत कम है। भारती एयरटेल का राजस्व का 20 प्रतिशत और वोडाफोन का 19 प्रतिशत राजस्व कर्मचारियों के वेतन में जाता है। बीएसएनएल के पास अभी 1.65 लाख कर्मचारी हैं।

इससे पहले संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने कहा कि बीएसएनएल की सेवा की गुणवत्ता में सुधार जारी है। बीएसएनएल 4जी सेवा भी शुरू कर चुकी है और 5जी सेवा भी देगी। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के लिए कई पहल की जा रही हैं। उसमें पूंजी निवेश की तैयारी भी चल रही है।

एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में प्रसाद ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सैटेलाइट के जरिए सैन्य बलों को कॉल करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों के 496 गांवों को एम सेट उपग्रह से सेवाएं प्रदान करने की तैयारी चल रही है। पहले जिस सैटेलाइट से यह सेवाएं दी जा रही है, उसके स्थान पर दूसरे उपग्रह का उपयोग करने के लिए तकनीक बदलाव में करीब 10 से 12 महीने का समय लगता है।
उन्होंने कहा कि अपनी तमाम कमजोरियों के बावजूद बीएसएनएल अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहा है और उसे निजी कंपनियों से भी प्रतिस्पर्धा करना पड़ता है।

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