अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बनी डॉक्यूमेंट्री में संपादन विवाद को लेकर बीबीसी के महानिदेशक टिम डेवी और सीईओ डेबोरा टर्नेस ने इस्तीफ़ा दे दिया है।टर्नेस पिछले तीन साल से न्यूज़ और करेंट अफेयर्स की सीईओ रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, मामले में बीबीसी पर अपनी रिपोर्टिंग में राजनीतिक निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया गया है।

इस फैसले की घोषणा करते हुए टिम डेवी ने बीती शाम कहा, “हर सार्वजनिक संस्था की तरह बीबीसी भी परफेक्ट नहीं है, और हमें हमेशा खुला, पारदर्शी और जवाबदेह रहना चाहिए।” आगे उनका कहना था कि यह उनके इस्तीफ़े का एकमात्र कारण नहीं है, लेकिन बीबीसी न्यूज़ को लेकर चल रही मौजूदा बहस ने स्वाभाविक रूप से इस निर्णय को प्रभावित किया है। उन्होंने डायरेक्टर जनरल के तौर पर इसकी अंतिम ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा कि कुल मिलाकर बीबीसी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन कुछ गलतियाँ हुई हैं।
इस डॉक्यूमेंट्री में 6 जनवरी, 2021 को दिए गए ट्रंप के भाषण के कुछ हिस्सों को इस तरह से दिखाया गया है कि ऐसा लग रहा था जैसे वह अपने समर्थकों से कैपिटल हिल पर उनके साथ मार्च करने और “कड़ा प्रतिरोध” करने के लिए कह रहे हों।बीबीसी के आंतरिक मेमो के प्रकाशन के बाद इसकी काफ़ी आलोचना हुई है। व्हाइट हाउस ने भी बीबीसी को ‘100% फ़ेक न्यूज़’ करार दिया।
इस विवाद पर ब्रिटेन के कई नेताओं ने उम्मीद जताई है कि इन इस्तीफ़ों से बीबीसी में बदलाव आएगा, वहीँ ट्रंप ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है। यह संपादित कार्यक्रम पिछले साल अमरीकी चुनाव से एक हफ़्ते पहले प्रसारित किया गया था। द टेलीग्राफ़ अख़बार में प्रकाशित बीबीसी की एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, बीबीसी ने गाज़ा युद्ध की रिपोर्टिंग में इज़राइल विरोधी पूर्वाग्रह भी दिखाया।












