प्रदेश में येलो-व्हाइट फास्फोरस युक्त कीटनाशक पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेहद असरकारक चूहनाशक उत्पादों की बिक्री पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया है। इसमें ऐसे उत्पादों की बिक्री पर रो लगाई गई है जिनमें येलो-व्हाइट फास्फोरस जैसे विषैले तत्व मौजूद होते हैं।

प्रदेश में येलो-व्हाइट फास्फोरस युक्त कीटनाशक पर प्रतिबंध

यह निर्णय भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की सूचना पर लिया गया है। जिसके तहत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अत्यंत घातक येलो-व्हाइट फास्फोरस युक्त ‘रैटोल पेस्ट’ जैसे चूहानाशक उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस फैसले के पश्चात सभी संबंधित ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन उत्पादों को अपनी सूची से हटा दें। गौरतलब है कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर यह फैसला लिया गया, जो ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध अवैध चूहनाशकों की बिक्री पर पूरा फोकस रखते हैं।

बताते चलें कि येलो-व्हाइट फास्फोरस मुख्यतः ‘रैटोल पेस्ट’ जैसी चूहनाशक दवाओं में पाया जाता है। येलो-व्हाइट फास्फोरस विषैला होने के साथ एक बेहद ज्वलनशील पदार्थ है, जिसका उपयोग करने में बहुत सावधानी बरतने की ज़रूरत होती है। ये उत्पाद सामान्य रूप से किसी पंजीकृत कीटनाशक के रूप में नहीं आते, और इन्हें बेचना पूरी तरह से अवैध है।

ध्यान रहे कि कीटनाशी अधिनियम-1968 के तहत कानूनी रूप से केवल उन्हीं कीटनाशक उत्पाद को बेचे जाने की इजाज़त है जिन्हे केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड और पंजीकरण समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है। इस सूची में येलो-व्हाइट फास्फोरस युक्त उत्पाद नहीं आते है। ऐसे में इनका विक्रय अवैध है।

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