उत्सवों और त्योहारों के मौसम में नकली खोवे से बचें

शादी और त्योहारों का मौसम है। उत्सवों के इस माहौल में जहाँ बाज़ारों को सरगर्म किया है, वही चोर बाज़ारी भी चरम पर है। इसी चोरबाज़ारी का एक पहलू है खाने पीने का नक़ली सामान, जो इन दिनों सबसे ज़्यादा नक़ली खोवा की शक्ल में बाज़ारों में मौजूद है।

उत्सवों और त्योहारों के मौसम में नकली खोवे से बचें

इसी चोर बाज़ारी पर गिरफ्त बनाने का ज़िम्मा निभाते हुए प्रदेश पुलिस द्वारा नकली खोवा की धरपकड़ जारी है। बीते दिन यानी बुधवार को लखनऊ के पारा इलाके में 800 किलो नकली खोवा बरामद किया गया। कारोबार करने वाले ये आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।

एफएसडीए यानी खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की टीम ने पारा इलाके के एक कारखने में छापा मारकर 802 किलो सिंथेटिक खोवा बरामद किया। यहाँ से कई प्रकार के पाउडर भी जब्त किए जिनका इस्तेमाल सिंथेटिक खोवा बनाने में किया जा रहा था। मिलावटी खाद्य सामग्री को नष्ट करदिया गया है। पारा थाने में केस दर्ज करने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मुनाफे के लिए मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के सभी प्रयास इन दिनों ज़ोरों पर हैं, जिससे आमजन की सेहत से खिलवाड़ को रोका जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सहायक खाद्य आयुक्त विजय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि गुप्त सूचना पर पारा की आदर्श विहार कॉलोनी में दीपक कुमार उर्फ गोलू के घर पर छापा मारा गया। यहां 202 किग्रा स्किम्ड मिल्क पाउडर, 65 किग्रा मेज स्टार्च, 505 किग्रा संदिग्ध सफेद पाउडर, 60 किग्रा माल्टोडस्टिन पाउडर व हाइड्रो पाउडर बरामद किया। इन सभी चीजों का प्रयोग कर सिंथेटिक खोवा बनाया जा रहा था। घटनास्थल से मिले 802 किलो सिंथेटिक खोवे को नष्ट कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि आरोपी दीपक दो महीने से मिलावटी खोवा तैयार कर रहा था। इससे वह कई गुना मुनाफा भी कमा चुका था। आरोपी इस सामग्री का खोवा बनाकर ठाकुरगंज खोवा मंडी खपाता था। एफएसडीए टीम को मिली जानकारियों से पता चला है कि कई और लोग भी इस तरह से खोवा तैयार कर मंडी में खपा रहे हैं। टीम उन सभी की तलाश में है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच टीम ने टेढ़ी पुलिया खोवा मंडी सहित कई मंडियों में छापा मारने के बाद करीब 15 नमूने जांच के लिए भेजे हैं। कुछ दुकानदारों को नोटिस जारी करते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मिलावटी खाद्य पदार्थ शिकायत यहां करें
यदि शहर में कहीं भी किसी तरह की मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जाने की सूचना देनी हो तो कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 18001805533 पर शिकायत कर सकता है। सूचना देने वाले की जाकारी गुप्त रखी जाएगी।

इस तरह करें पड़ताल
इसके अलावा उपभोक्ता बड़ी ही आसानी से असली नकली की पड़ताल कर सकते हैं। खोवे के टुकड़े को गर्म पानी में डालें। अगर असली खोवा हुआ तो घुल जाएगा, जबकि मिलावटी होने पर पानी में टूटकर बिखर जाएगा।

असली खोवा मुंह में घुल जाता है और कच्चे दूध जैसा स्वाद आता है जबकि सिंथेटिक खोवा मुंह में चिपकता है। इसका स्वाद फीका या कड़वा भी हो सकता है।

इसकी थोड़ी मात्रा लेकर एक बर्तन में चीनी के साथ गरम करें पर अगर खोवा पानी छोड़ने लगे तो वह मिलावटी हो सकता है।

असली खोवा दानेदार होता है। इसमें दूध की खुशबू आती है और इसे हाथ पर रगड़ने पर यह चिकना और दानेदार महसूस होता है जबकि सिंथेटिक खोवा रगड़ने पर रबड़ जैसा खिंचता है या फिर बहुत चिकना व तेल जैसा लग सकता है।

आयोडीन टेस्ट की मदद से खोवे की पहचान कर सकते हैं। करना बस इतना है कि इस खोवे पर आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालें। खोवा अगर काला या नीला हो जाए, तो समझ लें कि उसमें मैदा या स्टार्च की मिलावट है।

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