एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव ने चलाई वंदे भारत

महाराष्ट्र के सोलापुर से सीएसएमटी तक वंदे भारत एक्सप्रेस चलने वाली सुरेखा यादव एशिया की पहली महिला लोको पायलट बन गई हैं। सुरेख ने सोमवार 13 मार्च 2023) को सुरेखा ये कारनामा अंजाम देते हुए ट्रेन को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनर्स के प्लेटफॉर्म नंबर 8 तक लाने में सफलता पाई।

ट्रेन अपने निर्धारित समय पर सोलापुर से चलकर समय से 5 मिनट पहले सीएसएमटी पहुंच गई। आधुनिक तकनीक से लैस इस नए युग की वंदे भारत ट्रेन को चलाने का अवसर पाने वाली सुरेखा यादव ने आभार जताया। इस सफर के साथ ही सुरेखा यादव एशिया की पहली महिला लोको पायलट बन गई हैं।

सुरेखा की इस उपलब्धि ने मध्य रेलवे को सम्मानित करने के साथ भारतीय रेल को भी गौरव दिया है। महाराष्ट्र के सतारा की रहने वाली सुरेखा यादव 1988 में भारत की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर बनीं। मध्य रेलवे में शामिल होने से पहले यादव ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। सुरेखा को उनकी उपलब्धियों के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। ड्राइवर के रूप में वंदे भारत ट्रेन में तैनाती से पहले उन्होंने फरवरी 2023 में रेलवे संस्थान वडोदरा में एक प्रशिक्षण कार्य पूरा किया था।

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