दिवाली के बाद लखनऊ में बिजली वितरण व्यवस्था का पुनर्गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा प्रदान करना और शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित करना है।

लखनऊ में यह व्यवस्था मेरठ, बरेली, अलीगढ़ और कानपुर की तर्ज पर की जा रही है। वर्तमान में, वितरण खंड के अभियंता और अन्य कर्मचारी तकनीकी कार्यों के साथ-साथ राजस्व और वसूली संबंधी कार्य भी संभाल रहे हैं, जिससे उनकी विशेषज्ञता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
राजधानी के करीब 14.50 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक नवंबर से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। वर्टिकल सिस्टम नामक नई व्यवस्था में हर एक काम के लिए एक अधिकारी जिम्मेदार होगा। नई व्यवस्था में उपभोक्ता को बिजली कनेक्शन और बिल देने वाले जिम्मेदार अफसर अब अलग-अलग होंगे। अभी तक कनेक्शन व बिल देने की दोहरी जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता (वितरण) ही निभा रहे हैं।
अब नई व्यवस्था में उपभोक्ता अपनी समस्याएँ 1912 पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, जिले में 21 नए हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की टेलीफोन निर्देशिका भी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
पुनर्गठन के तहत तकनीकी और वाणिज्यिक टीमों को अलग-अलग किया जाएगा। तकनीकी कार्य एक कुशल टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि वाणिज्यिक कार्य वाणिज्यिक टीम द्वारा किया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत देश के प्रमुख शहरों में बिजली आपूर्ति सुगम बनाई जा रही है।इसमें 24 घंटे सेवाओं के लिए 56 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहन तैनात किए जाएँगे। इस पुनर्गठन से तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और उपभोक्ता शिकायतों का निवारण तेज़ और पारदर्शी हो सकेगा।
