आज होने वाली देशव्यापी हड़ताल में शामिल 30 करोड़ श्रमिक, बैंकों और परिवहन सेवाओं का भारी असर देखने को मिल सकता है। ट्रेड यूनियन साल 2025 में लागू हुए चार नए श्रम कानून के विरोध में प्रदर्शन करेगी। इन का आरोप है कि यह नए कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने के साथ ही कंपनी को कर्मचारियों को निकालने की खुली छूट देते हैं।

आज देश में विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल के चलते कई जगहों पर कामकाज प्रभावित हो सकता है। हड़ताल का असर कई राज्यों में बैंक, परिवहन और सरकारी दफ्तरों जैसी जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है। यूनियन नेताओं का कहना है कि इस हड़ताल में 30 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और देश-विरोधी, कॉरपोरेट-समर्थक नीतियों के विरोध में ट्रेड यूनियनों के एक समूह ने नौ जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था।
दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच द्वारा इसकी पुष्टि की गई है। कई क्षेत्रों में हड़ताल के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। आयोजकों ने हड़ताल की तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।
बताते चलें कि विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली बड़ी ट्रेड यूनियनों में CITU, AITUC, INTUC, HMS, AICCTU, LPF और UTUC शामिल हैं। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), कृषि श्रमिक संघों, छात्रों, युवा संघों और अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त है। किसान समूहों ने एमजीएनआरईजीए को बहाल करने और कृषि को प्रभावित करने वाली नीतियों का विरोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।इस हड़ताल के दौरान इन सर्विस की बंद रहने की संभावना है-
कई इलाकों में पब्लिक सेक्टर के बैंक
बड़े शहरों में मार्केट और दुकानें
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में सरकारी ऑफिस
संभावित रोड ब्लॉकेज के कारण पब्लिक ट्रांसपोर्ट
स्कूल और कॉलेज
इस हड़ताल के दौरान जिन सर्विसेस के खुली रहने की संभावना है-
हॉस्पिटल और दूसरी मेडिकल सुविधाएं
प्राइवेट ऑफिस
एयरपोर्ट
एटीएम
दूसरी जरूरी सर्विस
