बीता दिन रुहेलखंड के लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। बुधवार से बरेली और जेवर एयरपोर्ट के बीच हवाई सेवा शुरू हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नई सेवा के तहत 78 सीटों वाली पहली विमान सेवा जेवर से बरेली पहुंची। फिर बरेली से जेवर के लिए यहाँ से फ्लाइट ने प्रस्थान किया। यहाँ तीन एयरक्राफ्ट पार्किंग वे हैं, जिन्हें पहले सात और बाद में बढ़ाकर दस तक किया जाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के लिए उड़ान सप्ताह में चार दिन संचालित होगी, जबकि दिल्ली के लिए सप्ताह में तीन दिन सेवा उपलब्ध रहेगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या और मांग बढ़ने पर दिल्ली के लिए उड़ानों की आवृत्ति बढ़ाए जाने की भी बात कही गई है।
दोनों स्थानों के बीच कुल यात्रा अवधि लगभग 1 घंटा 5 मिनट होगी। हालांकि विमान हवा में करीब 30 से 35 मिनट ही रहेगा। बोर्डिंग गेट बंद होने से लेकर गंतव्य पर गेट खुलने तक का कुल समय लगभग 65 मिनट माना जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, बरेली और जेवर के बीच उड़ानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होंगी। एयर टाइम-टेबल के अनुसार, विमान सुबह 10:30 बजे नोएडा से उड़ान भरकर 11:20 बजे बरेली पहुंचेगा। वापसी में दोपहर 12:05 बजे बरेली से रवाना होकर दोपहर 1:00 बजे नोएडा पहुंचेगा।
इस अवसर पर बरेली के सांसद छत्रपाल गंगवार ने पहली महिला यात्री को बोर्डिंग पास सौंपा। साथ ही उन्होंने केक काटकर इस हवाई सेवा का औपचारिक शुभारंभ भी किया। सांसद छत्रपाल गंगवार ने मीडिया से कहा कि यह केवल एक नई हवाई सेवा नहीं, बल्कि पूरे रुहेलखंड के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सांसद छत्रपाल गंगवार ने यह भी कहा कि हफ्ते में चार दिन संचालित होने वाली यह हवाई सेवा व्यापार सहित शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन जगत के लिए भी लाभकारी साबित होगी।
बरेली एयरपोर्ट के निदेशक ने इस अवसर पर कहा कि भविष्य में भी जनप्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन और प्रदेश सरकार के सहयोग से एयरपोर्ट के विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने इस सेवा के चलने के लिए सांसद के लगातार प्रयासों की बात भी कही।
जानकारी में उन्होंने यह भी बताया कि बढ़ती हवाई सेवाओं को देखते हुए एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की योजना पहले से तैयार कर ली गई थी। इसी क्रम में राज्य सरकार से 23.55 एकड़ भूमि एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध करा दी गई है, जबकि भविष्य में भारतीय वायु सेना से भी लगभग 5 एकड़ अतिरिक्त भूमि ली जाएगी।
एयरपोर्ट निदेशक ने मीडिया से जानकारी साझा करते हुए बताया कि यहाँ विस्तार के बाद मौजूदा एक टैक्सी ट्रैक को बढ़ाकर दो टैक्सी ट्रैक किया जाएगा। इसके अलावा एयरबस-320 और एयरबस-321 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए पार्किंग क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान में यहाँ तीन एयरक्राफ्ट पार्किंग वे हैं, जिन्हें पहले सात और बाद में बढ़ाकर दस तक किया जाएगा।
भविष्य में बढ़ने वाले यात्री भार को आसानी से संभालने के लिए टर्मिनल भवन के चरणबद्ध विस्तार की भी बात की गई। वर्तमान क्षेत्रफल को पहले चरण में 3,000 से बढ़ाकर 15,000 वर्गमीटर और दूसरे चरण में 30,000 वर्गमीटर तक विकसित किया जाएगा।