एक लम्बे इन्तिज़ार के बाद उत्तर प्रदेश में भी मानसून ने प्रवेश करते हुए कई जिलों में बारिश की सौगात दे दी है। इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।
मानसून इस बार अपने निर्धारित समय से करीब 12 दिन देरी से पहुंचा है। इस देरी के कारण जून में औसतन 54 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अब जुलाई की शुरुआत में होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई की उम्मीद लगाई जा रही है।
इस बीच बुलंदशहर सहित बहराइच, बिजनौर और ललितपुर के इलाकों में जोरदार वर्षा दर्ज की गई। इस बारिश से लगभग पूरे प्रदेश के तापमान में गिरावट आई है साथ ही किसानों को भी राहत मिली है।
मौसम विभाग का कहना है कि आज यानी 2 जुलाई के लिए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के भी संकेत विभाग ने दिए हैं। खराब मौसम के दौरान प्रदेशवासियों को सतर्क रहने तथा खुले मैदान एवं बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के करीब रहने की बात भी मौसम विभाग ने कही है। विभाग की तरफ से बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। दिन में कई बार बारिश की संभावना भी जताई गई है।
हालाँकि बुधवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा और यह सामान्य से 1.1 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.1 डिग्री यानी 28.5 डिग्री रहा। उमसभरे दिन के साथ अधिकतम आर्द्रता 82 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 61 फीसदी दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश का फर्रुखाबाद बुधवार को सबसे अधिक गर्म जिला रहा। यहां पर अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो की सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीँ न्यूनतम तापमान बिजनौर जिले में 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो की सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
मौसम विभाग की तरफ से जारी अनुमान में कहा गया है कि लखनऊ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। बीते दिन की बात करें तो लखनऊ में एक जुलाई को दिन में कुल 4.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीँ एक जून से एक जुलाई तक लखनऊ में कुल बरसात 23 मिलीमीटर हुई है। इस दौरान सामान्य बारिश का औसत 94.6 मिली मीटर है।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून आने के बाद फिलहाल लगातार बारिश की संभावना है जिससे तापमान में भी गिरावट बनी रहेगी। एक जुलाई को मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश के कुछ और भागों, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश एवं लद्दाख के शेष भागों, सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा एवं पंजाब के कुछ भागों में मानसून आगे बढ़ेगा।
उत्तर प्रदेश में चार से पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। आने वाले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरप्रदेश के कुछ और भागों, हरियाणा-चण्डीगढ़-दिल्ली एवं पंजाब के कुछ भागों तथा राजस्थान के कुछ भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं।