देश में महिलाओं की औसत उम्र पुरुषों से 4.1 वर्ष ज्यादा पाई गई, वहीँ औसत जीवन प्रत्याशा बढ़कर 70.6 वर्ष हो गई है। यह जानकारी हाल ही में जारी जीवन प्रत्याशा रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा लंबी जिंदगी जीने वालों में अगर जम्मू-कश्मीर के पुरुष आगे हैं तो केरल में महिलाओं का जीवन लंबा पाया गया है। रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि छत्तीसगढ़ में जीवन प्रत्याशा सबसे कम रही। इसके साथ ही शहरी इलाकों के लोगों की औसत उम्र गांवों से अधिक दर्ज की गई है।
साल 2020-24 की जनगणना महारजिस्ट्रार रिपोर्ट से पता चलता है कि साल 2019-23 की तुलना में देश की औसत जीवन प्रत्याशा 0.3 वर्ष बढ़ी है। रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक़, देश में सबसे ज्यादा औसत जीवन प्रत्याशा केरल में दर्ज की गई है और यह 75.6 वर्ष है। इस मामले में छत्तीसगढ़ सबसे नीचे रहा। यहाँ औसत जीवन प्रत्याशा 64.7 वर्ष पाया गया।
रिपोर्ट बताती है कि जम्मू-कश्मीर में जन्म के समय पुरुषों की जीवन प्रत्याशा सबसे अधिक 73.8 वर्ष पाई गई। महिलाओं की बात करें तो केरल पहले स्थान पर रहा। इसके बाद हिमाचल प्रदेश और दिल्ली का नाम आता है।
रिपोर्ट के मुताबिक़, राष्ट्रीय स्तर पर महिलाएं पुरुषों से औसतन 4.1 वर्ष ज्यादा जी रही हैं।वहीँ उत्तर प्रदेश और बिहार, महिलाओं की कम जीवन प्रत्याशा वाले राज्यों में शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों के मुक़ाबले में महिलाओं की औसत अधिक पाई गई है। महिला और पुरुष जीवन प्रत्याशा के बीच सबसे बड़ा अंतर हिमाचल प्रदेश में देखा गया और यह 7.1 वर्ष है। हालांकि कई राज्यों में महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
जीवन प्रत्याशा रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों के मध्य भी बड़ा अंतर सामने आया है। जन्म के समय और 70 वर्ष की आयु पर शहरों में रहने वाले लोगों की जीवन प्रत्याशा गांवों से ज्यादा है। वहीँ कुछ राज्यों के गांवों के आंकड़े बेहतर पाए गए। इनमें उत्तराखंड और केरल में जन्म के समय ग्रामीण इलाकों की जीवन प्रत्याशा शहरों से ज़्यादा पाई गई। उत्तराखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, केरल, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के ग्रामीण इलाकों में 70 वर्ष की उम्र के बाद लोग शहरों के मुक़ाबले में ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं ।
विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जीवन के सुधार से यह बदलाव हुआ है। इन लोगों का मानना है कि इस रिपोर्ट से मिलने वाले रुझान बताते हैं कि जिन राज्यों में स्वास्थ्य और शिक्षा बेहतर हैं, वहां लोग ज्यादा लंबा जीवन जी रहे हैं। हालाँकि आने वाले समय में इसे सरकारों के सामने एक चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है। दरअसल जानकारों का यह भी कहना है कि औसत उम्र बढ़ना तो अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ बुजुर्ग आबादी भी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में ज़रूरी है की स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ बुजुर्ग देखभाल और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस किया जाए।