ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा है कि हमारे पड़ोसी हमारी प्राथमिकता हैं, और वह ओमानी मेज़बानों की गर्मजोशी भरी मेहमाननवाज़ी के लिए शुक्रगुजार हैं। वहीँ इज़रायल के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों ने अपनी पॉलिटिकल पार्टियों के मर्जर का ऐलान किया है ताकि एक नया चुनावी गठबंधन बनाया जा सके।
एक बयान में अब्बास अराकची ने कहा कि ओमान में हुई बातचीत में होर्मुज में सुरक्षित ट्रांज़िट पक्का करने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि ओमानी मेज़बानों के साथ बाइलेटरल मुद्दों और इलाके के हालात पर ज़रूरी बातचीत हुई।
बताते चलें कि कल ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची मिले थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का दौरा किया। यह उनका दो दिन में दूसरा दौरा है। इस दौरान वे पाकिस्तानी नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में थोड़ी देर रुकने के बाद अराघची रूस के लिए रवाना हो जाएंगे।
इससे पहले उन्होंने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर से मुलाकात की थी। इस मुलाक़ात में उन्होंने ईरान की शर्तें और अमरीका की मांगों पर अपने एतराज जताए थे।
अराघची शनिवार शाम ओमान के लिए रवाना हो गए थे। मगर इस यात्रा से पहले ईरान ने साफ किया है कि वह अमरीका से सीधे बातचीत नहीं करेगा और अपनी बात पाकिस्तान के जरिए ही पहुंचाएगा। उन्होंने आज ओमान सुल्तान तारिक बिन हैथम से मुलाकात की। इस दौरान जंग और शांति बहाली की कोशिशों पर चर्चा हुई।
इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान दौरा काफी उपयोगी रहा। अब्बास अराघची ने पाकिस्तान दौरे को काफी उपयोगी बताते हुए शांति बहाल करने के लिए पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ भी की।
इस बीच खबर है कि इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को बड़ा झटका देते हुए, यहाँ के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, नफ़्ताली बेनेट और याइर लैपिड ने अपनी पॉलिटिकल पार्टियों के मर्जर का ऐलान किया है ताकि एक नया चुनावी गठबंधन बनाया जा सके।
इस गठबंधन का मुख्य लक्ष्य अक्टूबर 2026 में होने वाले आम चुनावों में नेतन्याहू की गठबंधन सरकार को हराना है। बेनेट ने कहा कि नई पार्टी का नाम टुगेदर होगा और वह इसके लीडर होंगे। उन्होंने कहा कि 30 साल बाद, नेतन्याहू से अलग होने का समय आ गया है, इज़राइल को अपनी दिशा बदलनी होगी।
इन्हीं हालत में हज यात्रियों का पहला जत्था मदीना पहुंचा। ईरान से हज यात्रियों का पहला जत्था सऊदी अरब जाने पर इसे दोनों देशों के संबंधों के सामान्य होने के तौर पर देखा जा रहा है। एक अन्य अपडेट की बात करें तो इजराइल ने वेस्टर्न गलीली इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम से ड्रोन को नष्ट किया गया। इसे सीजफायर उल्लंघन बताया गया।