गूगल ने प्रोजेक्ट जेमिनी लॉन्च किया है। जैमिनी यूज़र्स अब एआई के सहयोग से इंटरएक्टिव और खेलने योग्य वर्चुअल वर्ल्ड का निर्माण कर सकते हैं। यह नया फीचर सिर्फ टेक्स्ट या इमेज के माध्यम से पूरी तरह इंटरएक्टिव और खेलने लायक वर्चुअल दुनिया निर्मित कर सकेगा।

पिछले वर्ष गूगल ने Genie 3 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की झलक पेश की थी। अब कंपनी ने इसे एक एक्सपेरिमेंटल रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर रोलआउट करना शुरू कर दिया है।
गूगल के मुताबिक़, इस नए फीचर का नाम Project Genie है जो चुनिंदा प्रीमियम जेमिनी यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। यूज़र के लिए अब यह नया फीचर सिर्फ टेक्स्ट या इमेज के माध्यम से पूरी तरह इंटरएक्टिव और खेलने लायक वर्चुअल दुनिया निर्मित कर सकेगा।
Genie 3 को इस टेक्नोलॉजी का सबसे एडवांस वर्ज़न बताया जा रहा है, जो 2D और 3D वर्चुअल वर्ल्ड बनाने की क्षमता रखता है। इस प्रोजेक्ट जेमिनी का निर्माण Google DeepMind ने किया है।
गैरतलब है कि DeepMind का फोकस लंबे समय से एडवांस एआई सिस्टम्स पर रहा है और Genie को उसी दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। इसकी विशेषता यह है कि यहाँ यूज़र जैसे-जैसे दुनिया में आगे बढ़ता है, एआई रियल टाइम में आगे का रास्ता खुद बनाता जाता है।
हालांकि भारत में अभी Project Genie की सुविधा नहीं दी गई है। वहीँ अमरीका में Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है, जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा है। जहाँ अमरीका में इस प्लान की कीमत 249.99 डॉलर प्रति महीना है वहीँ भारत में यही प्लान करीब 24,500 रुपये प्रतिमाह का बताया जा रहा है।
यूज़र वर्ल्ड स्केचिंग टूल के ज़रिये इस फीचर में पहले यह देख सकते हैं कि उनकी दुनिया कैसी नज़र आएगी। बाद में वह इसमें कुछ छोटे-बड़े बदलाव भी कर सकेंगे। इसके लिए यूज़र फर्स्ट पर्सन या थर्ड पर्सन व्यू का चुनाव करके Remix टूल की पहले बनाई गई दुनिया को और बेहतर भी बना सकेंगे।
गूगल ने स्पष्ट किया है कि यह अभी एक रिसर्च प्रोटोटाइप है और ऐसे में मुमकिन है कि दुनिया पूरी तरह असली जैसी न दिखें या हो सकता है कि कैरेक्टर किसी समय ठीक से काबू न हों। इसके अलावा हर वर्चुअल वर्ल्ड को केवल 60 सेकंड तक ही एक्सप्लोर किया जा सकेगा।
