जल्दी में कैब महंगी मिलने और ड्राइवरों को ज्यादा कमीशन देने की समस्या का समाधान ‘भारत टैक्सी’ ऐप लेकर आया है। यह सहकारी ऐप पीक टाइम में भी किराया नहीं बढ़ाएगा।

किसी इमरजेंसी में या आम ज़रूरत के समय बुक की गई कैब का नखरा हर किसी की परेशान करता है। खासकर जब किसी जगह जल्दी पहुंचना हो तो कैब का किराया हमेशा ही महंगा देना पड़ता है। दूसरी तरफ प्राइवेट कैब बुकिंग ऐप के जरिए कैब ड्राइवर की दलील होती है कि उन्हें भरी कमीशन देना पड़ता है। ऐसे में उन्ही मुनाफे का बहुत कम हिस्सा ही मिल पाता है।
ओला और ऊबर जैसे मौजूदा ऐप्स के के अलावा अब सफर के लिए एक और विकल्प भी है। ‘भारत टैक्सी’ ऐप नाम का यह विकल्प अन्य से सस्ती होने के साथ सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा का वादा करता है।
बताते चलें कि ‘भारत टैक्सी’ ऐप एक सरकारी-समर्थित सहकारी मॉडल है। इस ऐप की मदद से यात्रि मनमाने किराए के अलावा ड्राइवर को ज़्यादा कमीशन देने के चंगुल से भी बच जाते हैं। दरअसल इस ऐप को इस तरह डिज़ाइन किया गया है, जिससे किराया पारदर्शी और स्थिर रहता है, और ड्राइवरों को उनकी पूरी कमाई (या अधिकतर) प्राप्त होता है।
अब एक सहकारी कैब बुकिंग ऐप के ज़रिए यात्रा करने वालों के लिए ‘भारत टैक्सी’ बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। हालाँकि इस ऐप का ट्रायल अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चल रहा है। देशभर में एक लाख से ज्यादा यूज़र इसे डाउनलोड कर चुके हैं। इसकी विशेषता यह है कि इसमें पीक टाइम पर किराया नहीं बढ़ेगा, यानी हमेशा एक ही किराया रहेगा।
