अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत अपने बड़बोलेपन के चलते मुश्किल में आ गई हैं। एक्ट्रेस कंगना के खिलाफ किसानों के अपमान और राष्ट्रद्रोह का मामला चलेगा।

बुधवार को स्पेशल जज एमपी-एमएलए लोकेश कुमार की अदालत इस मामले में फैसला सुनाया गया। स्पेशल जज ने कंगना के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका स्वीकार कर ली।
याद दिला दें कि एमपी-एमएलए कोर्ट आगरा के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह द्वारा पहले कंगना रनौत के खिलाफ दायर राष्ट्रद्रोह का मामला 6 मई 2025 को खारिज कर दिया गया था। मामले में वादी राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने सत्र न्यायालय जिला जज की कोर्ट में रिवीजन प्रस्तुत किया था।
कंगना रनौत पर आरोप था कि उन्होंने 26 अगस्त 2024 को एक साक्षात्कार में केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले किसानों को हत्यारा बताया था। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। इसके बाद अभिनेत्री व भाजपा सासंद कंगना रनौत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी।
मामले की दोबारा से सुनवाई में 10 नवंबर 2025 को स्पेशल जज एमपी-एमएलए लोकेश कुमार के सामने वादी और कंगना रनौत के वकीलों की बहस हुई। इसके बाद न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और जिसे बीते दिन सुनाया गया।
इस मामले में 31अगस्त 2024 को वादी अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने आगरा पुलिस कमिश्नर और न्यू आगरा थाना प्रभारी को शिकायत भेजी थी। इसमें भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
आगरा के विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में आगरा के ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने मंडी की भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ देशद्रोह व राष्ट्र अपमान की धाराओं में 11 सितंबर 2024 को वाद दायर किया था।जबकि मई 2025 में एमपी-एमएलए कोर्ट आगरा के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह ने यह मामला खारिज कर दिया था। इसके बाद वादी ने जिला सत्र न्यायालय में रिवीजन दायर किया था।














