दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी स्नोशू रेस में ये दो एथलीट करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

जम्मू कश्मीर के सीनियर एथलीट-गुलजार अहमद खान और मुजम्मिल हुसैन मीर अंतर्राष्ट्रीय स्नोशू रेस ‘सियास्पोलाडा 2026’ के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी स्नोशू रेस में ये दो एथलीट करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

अंतर्राष्ट्रीय स्नोशू रेस का आयोजन इटली में हो रहा है। इस 52वें संस्करण में 17 भारतीय एथलीट भाग लेंगे। इस चयन की औपचारिक रूप से सूचना स्नोशू फेडरेशन ऑफ इंडिया (SSFI) ने जम्मू-कश्मीर स्नोशू एसोसिएशन के अध्यक्ष तारिक गनी को दी है। साथ ही इन दोनों एथलीटों की उनके निरंतर प्रदर्शन और स्नोशू रनिंग को बढ़ावा देने में योगदान के लिए सराहना की है।

स्नोशू एसोसिएशन द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विश्व प्रसिद्ध स्नोशू रेस के 52वें संस्करण में कुल 17 भारतीय खिलाड़ी भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन 3-4 जनवरी, 2026 को इटली के ट्रेंटिनो में किया जा रहा है।

सियास्पोलाडा को दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी स्नोशू रेस माना जाता है। इसके आयोजन से हर साल विभिन्न महाद्वीपों से शीर्ष एथलीटों और साहसिक उत्साही लोगों को इससे जुड़ने का मौक़ा मिलता है।

इस रेस में बता दें कि भारत से शामिल होने वाले गुलजार अहमद खान बडगाम से हैं जबकि मुजम्मिल हुसैन मीर का श्रीनगर से आते है। दोनों एथलीट पहले कई राष्ट्रीय शीतकालीन खेल आयोजनों में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उन्हें देश के सबसे अनुभवी स्नोशू एथलीटों में से एक माना जाता है।

जम्मू-कश्मीर स्नोशू एसोसिएशन के अध्यक्ष तारिक गनी का कहना है कि गुलजार और मुजम्मिल का चयन घाटी के एथलीटों की प्रतिभा और दृढ़ता का प्रमाण है, जो सीमित संसाधनों और बुनियादी ढांचे के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

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