टीकाकरण अभियान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार द्वारा देश में बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं। भारत में टीकाकरण अभियान के तहत बच्चों को 11 टीके मुफ्त में दिए जाते हैं।

बेहतर स्वास्थ्य हेतु बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने के लिए जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साप्ताहिक आधार पर नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। साथ ही टीकाकरण कवरेज में सुधार के उपायों के रूप में जागरूकता, सामाजिक लामबंदी, परिवार स्तर पर आपसी संवाद और मीडिया की भागीदारी जैसे विकल्प की मदद ली जाती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शुक्रवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में में जानकारी दी। टीकाकरण अभियान के तहत देश में बच्चों को 11 टीके निःशुल्क लगाए जाते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं-
1- हेपेटाइटिस बी वैक्सीन
2- ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी)
3- बैसिलस कैल्मेट-गुएरिन वैक्सीन (बीसीजी)
4- पोलियो वैक्सीन इंजेक्शन (आईपीवी)
5- पेंटावैलेंट वैक्सीन
6- रोटावायरस वैक्सीन (आरवीवी)
7- न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी)
8- खसरा और रूबेला वैक्सीन (एमआर)
9- डिप्थीरिया पर्टुसिस टेटनस वैक्सीन (डीपीटी)
10- टेटनस और वयस्क डिप्थीरिया वैक्सीन (टीडी) और
11- जापानी एन्सेफलाइटिस वैक्सीन (जेई)
आमजन में टीके के प्रति जागरूकता लाने के लिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए जिले में आयोजन किया जाता है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साप्ताहिक आधार पर नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। इसमें संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता प्रत्येक सत्र से पहले, घर-घर जाकर लाभार्थियों को टीकाकरण सत्र के स्थान के बारे में जानकारी देती हैं और बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के दिन आकर टीका लगवाने के लिए प्रेरित करती हैं।
गौरतलब है कि देश में टीकाकरण कवरेज को बढ़ावा देने के लिए सूचना शिक्षा और संवाद संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके लिए आईईसी का प्रसार दूरदर्शन जैसे सेवा प्रसारकों के माध्यम से मीडिया क्षेत्र की हस्तियों, रेडियो जिंगल और यूट्यूब पॉडकास्ट का उपयोग करके किया जाता है। सोशल मीडिया द्वारा एक्स हैंडल, इंस्टाग्राम हैंडल और फेसबुक पेज जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है। और दूर दराज़ तक पहुँचने के लिए स्थानीय समुदाय-स्तरीय गतिविधियां जैसे माइकिंग, पोस्टर और सामूहिक बैठकों का भी आयोजन किया जाता है।
इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के सभी टीकाकरण कार्यक्रमों के डिजिटल पंजीकरण और रिकॉर्डिंग के लिए यू-विन पोर्टल की भी शुरुआत की है।
