27 जून को मधुमेह से सचेत करने के लिए मनाते हैं विश्व मधुमेह जागृति दिवस

27 जून को विश्व मधुमेह जागृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। अनुवांशिक कारणों के आलावा अनियमित जीवन शैली, तनाव, शारीरिक व्यायाम की अनदेखी इस बीमारी का मुख्य कारण है।

27 जून को मधुमेह से सचेत करने के लिए मनाते हैं विश्व मधुमेह जागृति दिवस

इस बीमारी के प्रति लोगों में चेतना जगाने के लिए प्रत्येक वर्ष 27 जून को विश्व मधुमेह जागृति दिवस मनाया जाता है। इस बीमारी से बचने के लिए ज़रूरी है कि स्वस्थ जीवन-शैली अपनाएं, स्वास्थ्यवर्धक पोषक आहार लें।

वर्गीकरण के आधार पर इसे दो भागों में बटन गया है।
टाइप वन मधुमेह- इस प्रकार का मधुमेह प्राय: बचपन या युवावस्था में होता है। इसमें इंसुलिन का उत्पादन बहुत कम या नहीं होता है। इसके रोगी को नियमित रूप से रक्त ग्लूकोज़ के नियंत्रण के अलावा इंसुलिन लेनी पड़ती है।

टाइप-2 मधुमेह इसकी दूसरी किस्म है। येअधिक आयु के लोगों में होती है। जब शरीर इंसुलिन की सामान्य या अधिक मात्रा के लिए बहुत संवेदनशील या प्रतिरोधक हो जाये तब ये समस्या होती है। इस स्थिति में कम इंसुलिन उत्पन्न होती है। इस मधुमेह के कुछ रोगियों के लिए भी इंसुलिन लेना आवश्यक होता है।

मधुमेह के पीड़ितों में लगभग 90 प्रतिशत टाइप 2 मधुमेह के रोगी होते हैं। इन रोगियों में रक्त ग्लूकोज अनियंत्रित होने पर शरीर में पानी की अधिकता और नमक की कमी हो जाती है। साथ ही आंखों की रोशनी ख़राब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा यूरीन से जुडी समस्या और गुदे का संक्रमण भी हो सकता है। ऐसे रोगियों में मधुमेह के उपचार के अलावा उनके तमाम अंगों पर भी निगाह रखनी पड़ती है।

मधुमेह अब भारत में आम बीमारी का रूप ले चुकी हैं। इसे खान पान व स्वस्थ जीवन के ज़रिये नियंत्रण करना आसान है। इस रोग को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता मगर दवाओं, व्यायाम और सही खान पान से नियंत्रित अवश्य किया जा सकता है।

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