टीवी नाटकों में महिला को महिला की सबसे बड़ी दुश्मन दिखाया जाता है- शर्मिला टैगोर

शर्मिला टैगोर ने 12 साल बाद फिल्मी दुनिया में वापसी की है। शर्मीला ने ‘गुलमोहर’ नाम की फिल्म में एक कामयाब भूमिका निभाने के साथ ही अपनी फैन फॉलोइंग लिस्ट के ज़रिये ये साबित कर दिया है कि लम्बे अरसे तक अदाकारी से दूर रहने के बाद उनका टैलेंट अभी भी दमदार है और किसी भी चैलेंजिंग रोल को निभाने की खूबी उनके अंदर है।

टीवी नाटकों में महिला को महिला की सबसे बड़ी दुश्मन दिखाया जाता है- शर्मिला टैगोर

हाल ही में एक कार्यक्रम में शर्मिला टैगोर ने टीवी के कंटेंट पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज का टीवी कंटेंट बहुत ही प्रतिगामी है, ज्यादातर ड्रामा सीरियल में महिला को ही महिला की सबसे बड़ी दुश्मन के रूप में दिखाया जाता है।


शर्मिला टैगोर ने कहा कि वह एक्टिंग से दूर जरूर थीं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने संन्यास ले लिया।


शर्मीला ने आगे कहा कि कभी-कभी हम कार्यक्रम निर्माताओं से आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने के लिए कहते हैं, लेकिन अधिकांश निर्माता इसका पालन करने से इनकार कर देते हैं। इस पर आगे उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि पूँजीवाद इस समय सबपर हावी है और उसे ही प्राथमिकता दी जा रही है।

अपने करियर के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि बड़े पर्दे से दूर रहने का मतलब यह नहीं है कि वह ‘रिटायर’ हो गई हैं। इस पर आगे उन्हकै कहना था कि वह भले ही अभिनय नहीं कर रही थीं, लेकिन विभिन्न मंचों पर सिनेमा के बारे में बोल रही थी। उनका कहना है कि आपको अपने करियर के शिखर पर होना जरूरी नहीं है – लेकिन हर चरण में, अगर आप बोल सकते हैं और अपनी उपस्थिति महसूस करा सकते हैं, तो इससे फर्क पड़ता है। शर्मिला टैगोर ने कहा कि वह एक्टिंग से दूर जरूर थीं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने संन्यास ले लिया।

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