आज तक एप्पल के यूज़र्स इस बात से बेखबर हैं कि आखिर इस कम्पनी के हर प्रोडक्ट में अंग्रेजी अक्षर ‘i’ रखने का क्या कारण है। जबकि मज़ेदार बात यह है कि पहले iPhone के लॉन्च हुए लगभग दो दशक हो रहे हैं।

एप्पल कंपनी द्वारा अपने उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए अंग्रेजी अक्षर ‘i’ के इस्तेमाल ने कई सिद्धांतों को जन्म दिया है। कुछ लोगों ने अनुमान लगाया कि यह छोटा ‘i’ इंटरनेट, बुद्धिमत्ता या सूचना का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि कुछ इसे लेकर क़यास लगते हैं कि यह उपयोगकर्ता की विशिष्टता का प्रतिनिधित्व करता है।
उपयोगकर्ताओं द्वारा इसी तरह के कई अन्य अनुमान भी लगाए गए हैं। अब हाल ही में एप्पल कंपनी द्वारा अपने उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए अंग्रेजी अक्षर ‘i’ के इस्तेमाल की असली वजह सामने आई है।
अमरीकी पत्रिका रीडर्स डाइजेस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने पुष्टि की है कि कंपनी के उत्पादों के नाम में ‘i’ मूल रूप से ‘इंटरनेट’ का प्रतिनिधित्व करता है।
स्टीव जॉब्स ने बताया कि जब कंपनी ने 1998 में इंटरनेट कनेक्टिविटी वाला अपना पहला कंप्यूटर लॉन्च किया था, तो उसका नाम ‘आईमैक’ रखा गया था। एप्पल के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स ने iMac के परिचय के दौरान घोषणा की कि यह डिवाइस उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट की असीम क्षमता का पूरा उपयोग करने की अनुमति देने के लिए बनाया गया था। इस वजह से, ‘I’ का मतलब “इंटरनेट” था, जबकि “Mac” का मतलब “Macintosh” था।
उन्होंने आगे कहा कि समय के साथ-साथ जैसे-जैसे कंपनी आगे बढ़ी, ‘आई’ के इस्तेमाल की व्याख्या भी बदलती गई। अब इसका इस्तेमाल सिर्फ़ इंटरनेट को दर्शाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह इंटरनेट, सूचना और कंपनी के उत्पादों के व्यक्तिगत इस्तेमाल और शैक्षणिक क्षमता पर ज़ोर देता है।
