इस साल किन देशों की जनता करेगी अपने मत का प्रयोग

दुनियाभर की सियासत में जारी बदलाव का सिलसिला इस साल भी जारी रहेगा। कई देशों के आम इस वर्ष होने हैं। बीते वर्ष की तरह यह साल भी अपनी जनता को लोकतान्त्रिक चयन का अवसर देगा।

इस साल किन देशों की जनता करेगी अपने मत का प्रयोग

2025 में जिन देशों में चुनाव होना हैं उनमे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, सिंगापुर, बेलारूस और बांग्लादेश जैसे प्रमुख देशों का नाम आता है। आइए एक नज़र डालते हैं इन देशों के चुनावी हालात पर।

बांग्लादेश
बीते वर्ष की सियासी उठा-पटक के बाद बांग्लादेश में इस साल आम चुनाव होने की उम्मीद है। यहाँ अवामी लीग की शेख हसीना सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद से एक अंतरिम सरकार बांग्लादेश में शासन कर रही है, जिसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस हैं। अंतरिम सरकार से चुनाव की तारीखों की मांग के बीच मोहम्मद यूनुस ने घोषणा की है कि 2025 के अंत में या फिर 2026 के शुरुआत में चुनाव होंगे।

हालाँकि यहाँ 7 जनवरी 2024 को आम चुनाव हुए थे जिसमे शेख हसीना ने जनवरी 2024 में लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। यहाँ की मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी द्वारा चुनाव का बहिष्कार किया गया। जुलाई-अगस्त 2024 में फैली हिंसा के बीच 5 अगस्त को शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए देश छोड़ दिया था।

सिंगापुर
एशियाई देशों में इस बार सिंगापुर भी चुनावी सूची में है। यहाँ की संसद के लिए 23 नवंबर 2025 से पहले आम चुनाव होने हैं। 2006 के आम चुनाव के बाद पहली बार ली सीन लूंग इस चुनाव में सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) का नेतृत्व नहीं करेंगे। मई 2024 में लूंग की जगह लॉरेंस वोंग प्रधानमंत्री बने थे।

कनाडा
2025 का कनाडाई संघीय चुनाव 20 अक्तूबर 2025 को या इससे पहले होगा।जिसमे कनाडाई संसद के लिए हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य का चुनाव किया जाएगा। 2024 में हुए सर्वे के अनुसार, ट्रूडो और उनकी लिबरल पार्टी के प्रति लोगों में नाराजगी साफ नज़र आ रही है। ब्याज दरों में कमी, मुद्रास्फीति में 2% से अधिक की स्थिर गिरावट और घरों की कीमतों में तेज उछाल जैसे बड़े मुद्दे हैं जिनके चलते ट्रूडो का समर्थन लगातार गिर रहा है। इस बीच उनके प्रतिद्वंद्वी कंजर्वेटिव्स पार्टी के नेता ने लिबरल्स पर 21 अंकों की बड़ी बढ़त हासिल है। कनाडा में 338 सीटों वाली संसद में बहुमत के लिए 172 की आवश्यकता होती है।

ऑस्ट्रेलिया
देश में 27 सितंबर 2025 को या उससे पहले संघीय चुनाव होंगे और यह चुनाव तय करेंगे कि ऑस्ट्रेलिया की संसद पर किसका कब्जा होगा। युवा और स्वदेशी मतदाताओं के जबरदस्त नामांकन ने इस चुनाव को ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में सबसे ज्यादा भागीदारी वाले चुनावों में से एक बना दिया है।

यहाँ प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की लेबर पार्टी दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव लड़ेगी, जिसका सामना पीटर डटन के नेतृत्व वाले लिबरल-नेशनल गठबंधन से होगा। संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा की सभी 150 सीटों और उच्च सदन यानी सीनेट की 76 में से 40 सीटों पर चुनाव होगा।

जर्मनी
जर्मनी में 2025 में 23 फरवरी को संसद के निचले सदन बुंडेस्टाग के लिए आम चुनाव है। जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने अपने एसपीडी नेतृत्व वाले गठबंधन के टूटने के बाद फरवरी 2025 में बुंडेस्टाग के लिए नए चुनावों की घोषणा की है।

बेलारूस
बेलारूस में जनता द्वारा राष्ट्रपति को पांच साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। यहाँ 26 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इससे पहले 2020 के चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को राष्ट्रपति चुनाव का विजेता घोषित किया गया था। इसमें बड़े पैमाने पर वोट-धांधली का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किए गए थे।

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