क्या था डायनासोर के विलुप्त होने का असली कारण

एक नए अध्ययन से डायनासोरों के विलुप्त होने का कारण सामने आया है। लंदन में किये गए इस अध्ययन से पता चला है कि पृथ्वी के वायुमंडल में धूल के बादलों ने लगभग 66 मिलियन वर्ष पहले डायनासोरों के विलुप्त होने में बड़ी भूमिका निभाई होगी।

क्या था डायनासोर के विलुप्त होने का असली कारण

नेचर जियोसाइंस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन इस घटना के लिए वायुमंडल को ज़िम्मेदार ठहराता है। इस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक़ ऐसा माना जा रहा है कि उल्कापिंड के प्रभाव से पृथ्वी के वायुमंडल में महीन धूल ने डायनासोर के विलुप्त होने में योगदान दिया होगा।

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि, उल्कापिंड के प्रभाव से न केवल वायुमंडल में सल्फर आधारित गैसें निकलीं, बल्कि परिणामी धूल ने सूर्य को भी ढक दिया, जिससे कई वर्षों तक पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया रुक गई और गैसों की कमी हो गई।

अध्ययन के प्रमुख लेखक और ग्रह वैज्ञानिक बर्क सेनेल ने सीएनएन को बताया कि यह लंबे समय से माना जाता रहा है कि चिक्सुलब (Chicxulub) उल्कापिंड डायनासोर के विलुप्त होने का कारण बना, जबकि वास्तव में लंबे समय तक आकाश को ढकने वाली धूल इसका कारण हो सकती है।

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