अमरीका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के फ़ैसले पर सहमति जताते हुए इसरायल का कहना है कि लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं होगा।
अंतर्राष्ट्रीय मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़,इसरायल की तरफ से अमरीका की उस कोशिश का समर्थन किया गया है जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि ईरान अब परमाणु हथियार, मिसाइल या आतंक का ख़तरा न बने। यह सुनिश्चितता अमरीका और इसरायल सहित अन्य अरब पड़ोसियों के लिए है। साथ ही इसे शेष दुनिया के लिए भी सुनिश्चित किया गया है।
इसरायल द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हम राष्ट्रपति ट्रंप के उस फ़ैसले का समर्थन करते हैं जिसमें ईरान पर हमले दो हफ़्तों के लिए रोकने की बात कही गई है, बशर्ते ईरान तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट खोले और अमरीका, इसरायल और अन्य देशों पर हमले बंद करे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कहा है कि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने सीज़फ़ायर समझौते को मंज़ूरी दे दी है। अपने बयान में अब्बास अराक्ची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले रुकते हैं, तो ईरान भी हमले रोक देगा। उन्होंने आगे कहा कि ईरानी सेना के संपर्क से दो हफ़्ते तक होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आना-जाना मुमकिन है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक ट्रंप ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की शर्तें मान ली हैं, प्रेसिडेंट ट्रंप ने दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर का ऐलान किया है। ईरान का कहना है कि बातचीत शुक्रवार, 10 अप्रैल से शुरू होगी, अगर दोनों पक्ष राज़ी होते हैं, तो बातचीत का समय बढ़ाया जा सकता है।
ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बयान में कहा गया है कि हम इस जीत पर ईरानी लोगों को बधाई देते हैं, और जब तक इस जीत की डिटेल्स सामने नहीं आ जातीं, तब तक एकता और एकजुटता बनाए रखने की ज़रूरत है। आगे उन्होंने कहा कि हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं, और अगर दुश्मन ने ज़रा सी भी गलती की, तो पूरा जवाब दिया जाएगा।
दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर और बातचीत पर एक बयान में, ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि इस क्रिमिनल वॉर में दुश्मन को एक ऐसी हार मिली है जिसे नकारा नहीं जा सकता, यह ऐतिहासिक और सीख देने वाली है।
यूएस डेमोक्रेटिक सीनेटर बर्नी सैंडर्स का एक बयान काफी चर्चा में है। उनके मुताबिक़, ट्रंप यह कहकर नरसंहार की धमकी दे रहे हैं कि वह सभ्यता को खत्म कर देंगे। अपने बयान में बर्नी सैंडर्स ने कहा कि हमें ऐसा नहीं होने देना चाहिए, कांग्रेस को यह युद्ध तुरंत खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रंप के बेबुनियाद बयानों की आदत डालना और उनका मज़ाक उड़ाना खतरनाक है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए बताया था कि लेबनान में भी युद्धविराम’ लागू होगा। लेकिन इसरायल लेबनान में युद्धविराम लागू करने के लिए राज़ी नहीं है।