चीन के खिलाफ पश्चिम को एकजुट होना पड़ेगा – जस्टिन ट्रूडो

ओटावा: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने चीनी नेतृत्व पर पश्चिमी देशों को एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। ट्रुडो का मानना है की चीन से मुकाबले के लिए पश्चिम को एकजुट होना होगा।

चीन के खिलाफ पश्चिम को एकजुट होना पड़ेगा - जस्टिन ट्रूडो

जस्टिन ट्रूडो ने कहा- ‘हमें एक साथ आना होगा और चीन के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए मजबूती के साथ खड़ा होना होगा, ताकि वह हमें एक दूसरे के खिलाफ भड़काकर बांट न सके। हम प्रतिस्पर्धा करते हैं और चीन समय-समय पर प्रतिस्पर्धी बाजार में हमें एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल करता है।’


कनाडा के टीवी नेटवर्क ग्लोबल टीवी के साथ एक हालिया साक्षात्कार में ट्रूडो ने कहा कि समान विचार के देशों को चीन की ‘दबाव वाली कूटनीति’ के खिलाफ एकीकृत मोर्चा बनाना चाहिए।


कनाडा के प्रधानमंत्री का कहना है कि यह समस्या इसलिए आई, क्योंकि कई पश्चिमी देशों ने चीनी बाजार में पहुंच स्थापित करने का प्रयास किया। इसके बाद चीन ने अपनी शर्ते रखनी शुरू कीं और पश्चिमी देशों को एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल करने लगा।

पिछले कुछ वर्षो से कनाडा के चीन के साथ रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। विवाद की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी, जब चीनी नागरिक व हुआवे के मुख्य वित्त अधिकारी मेंग वानझोउ को वैंकूवर में गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रतिक्रिया के तौर पर चीन में दो कनाडाई नागरिक को गिरफ्तार कर लिया गया। इस साल सितंबर में समझौते के तहत मेंग को छोड़ा गया, जिसके बाद कनाडाई नागरिकों की रिहाई संभव हो पाई। इस महीने की शुरुआत में ट्रूडो बीजिंग विंटर ओलिंपिक के कूटनीतिक बहिष्कार का एलान कर चुके हैं।

ट्रूडो ने ट्वीट करके कहा कि चीन में मानवाधिकारों के उल्लंघन की खबरों से कनाडा काफी परेशान है। इसके नतीजे में ओलंपिक और पैरालंपिक विंटर गेम्स के लिए बीजिंग में राजनयिक प्रतिनिधि नहीं भेजा जा रहा है। कनाडा अपने एथलीटों का समर्थन करना जारी रखेगए जो वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *