अफ्रीकी देश टोगो के प्रस्ताव पर मतदान ने बदल दिया दुनिया का नक्शा

संयुक्त राष्ट्र में मतदान के बाद अब दुनिया का नक्शा और बड़ा नज़र आएगा। यह बदलाव संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया के नक्शे को बदलने वाले एक अहम प्रस्ताव पर वोटिंग के बाद हुआ। इस मतदान में भारी समर्थन के साथ वर्ल्ड मैप में बदलाव का प्रस्ताव स्वीकार किया गया।

यूएन में इस प्रस्ताव के मंजूर होते ही वर्ल्ड मैप के बदलने की कवायद पर आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। गौरतलब है कि अफ्रीकावर्ल्ड मैप में बदलाव को लेकर अफ्रीकी देश टोगो द्वारा लाए प्रस्ताव के समर्थन में 164 सदस्य देशों ने मतदान किया। मात्र एक देश ने प्रस्ताव का विरोध किया जबकि 6 सदस्य देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में बीती रात दुनिया के नक्शे को बदलने वाले एक अहम प्रस्ताव पर मतदान किया गया। वर्ल्ड मैप में बदलाव को लेकर अफ्रीकी देश टोगो द्वारा लाए प्रस्ताव के समर्थन में 164 सदस्य देशों ने मतदान किया और इस प्रस्ताव के मंजूर होते ही वर्ल्ड मैप के बदलने की कवायद पर आधिकारिक मंजूरी मिल गई।

मंज़ूरी मिलने पर अफ्रीकी संघ आयोग ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, शिक्षा प्रणालियों, प्रकाशकों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों से आग्रह किया कि वे धीरे-धीरे ऐसे मानचित्रों को अपनाएं जो वास्तविक भू-क्षेत्रफल को अधिक सटीक रूप में दर्शाते हों।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अफ्रीका के वास्तविक आकार को दर्शाने वाले ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पर मतदान किया गया। टोगो द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव का अफ्रीकी संघ के बाकी 54 सदस्य देशों सहित कई देशों ने समर्थन किया। मतदान के बाद इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया।

दुनिया के नक्शे पर अब अफ्रीका का वास्तविक भौगोलिक आकार दिखेगा
संयुक्त राष्ट्र में अफ्रीकी संघ के स्थायी पर्यवेक्षक मिशन ने इस प्रस्ताव के पारित होने का स्वागत किया गया। इस अवसर पर टोगो और अफ्रीकी समूह को बधाई दी गई। मिशन ने इसे वैश्विक मानचित्रों में अफ्रीका के वास्तविक भौगोलिक आकार को बेहतर ढंग से दर्शाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस निर्णय का स्वागत करते हुए अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने इस पहल को आगे बढ़ाने में टोगो की नेतृत्वकारी भूमिका और अफ्रीकी देशों की एकजुटता की सराहना की। टोगो गणराज्य और राष्ट्रपति फॉर एसोज़िम्ना ग्नासिंगबे को बधाई देते हुए यूसुफ का कहना था कि उन्होंने अफ्रीकी समूह की ओर से इस पहल का नेतृत्व किया और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुराने वर्ल्ड मैप की समस्या
अफ्रीकी संघ आयोग के अनुसार पुराना वर्ल्ड मैप 16वीं शताब्दी में तैयार किया गया था। इसमें मर्केटर प्रोजेक्शन ने वैश्विक भूगोल को गलत तरीके से पेश किया गया था। अफ्रीकी संघ ने उदाहरण देते हुए बताया कि इसमें अफ्रीका को ग्रीनलैंड के बराबर आकार का दिखाया, जबकि वास्तव में अफ्रीका उससे 14 गुना बड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक़, अफ्रीकी संघ का कहना है कि यह प्रस्ताव Equal Earth Projection सहित समान-क्षेत्रफल मानचित्रों के उपयोग को बढ़ावा देता है, ताकि स्कूलों, मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में दुनिया के देशों और महाद्वीपों के वास्तविक आकार बेहतर तरीके से प्रदर्शित किए जा सकें।

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