वाराणसी में तैयार हो रहा शेक्सपियर के गांव जैसा एक और गांव

munshi premchandवाराणसी। वाराणसी में तैयार हो रहा शेक्सपियर के गांव जैसा एक और गांव . हिंदी-उर्दू के महान लेखक व उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही को सजाने-संवारने के प्रयास फिर से शुरू हो चुके हैं। हिंदी साहित्य के सिरमौर कहे जाने वाले मुंशी प्रेमचंद का गांव राष्ट्रीय धरोहर व जिस घर में उन्होंने कालजयी रचनाओं का सृजन किया, उसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाएगा। हेरिटेज विलेज लमही को संवारने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा की उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 27 अप्रैल को एक बैठक भी प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के साथ ही पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय प्रेमचंद के गांव लमही को महान नाटककार शेक्सपियर के इंग्लैंड स्थित उनके पैतृक गांव की तर्ज पर सांस्कृतिक ग्राम के रूप में विकसित करेगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा के अनुसार मुंशी प्रेमचंद के गांव को सांस्कृतिक ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए तमाम पत्र मिले थे। बीते दिनों बिहार के राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा ने भी मुलाकात कर मुंशी प्रेमचंद के गांव को शेक्सपियर के गांव की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव दिया था।
संस्कृति मंत्रालय की कोशिश है कि लमही को सांस्कृतिक ग्राम के रूप में बसाने के लिए मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास, कहानियों को नाटक के रूप में प्रस्तुत किया जाए। लेजर शो के जरिए भी उनकी कृतियों को पर्दे पर दिखाया जाए। पर्यटन विभाग से समन्वय स्थापित कर देशी-विदेशी पर्यटकों को लमही ले जाएं। आरके सिन्हा के प्रस्ताव समेत अन्य प्रस्तावों को ध्यान में रखते हुए संस्कृति मंत्रालय लमही को सांस्कृतिक ग्राम के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ इस संबंध में वार्ता के बाद केंद्र व प्रदेश सरकार की मदद से लमही को सांस्कृतिक ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रयास से संस्कृति मंत्रालय ने लमही में एक शोध संस्थान खोला है। बीएचयू कला संकाय के प्रमुख व शोध संस्थान के समन्वयक कुमार पंकज ने बताया कि शोध संस्थान के लिए कुछ पदों पर भर्ती होनी है, जिसके लिए यूजीसी को पत्र लिखा गया है। अनुमति मिलते ही शोध संस्थान में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही वहां पर एक लाइब्रेरी के लिए संस्कृति मंत्रालय को प्रस्ताव दिया गया है। फिलहाल लमही में मुंशी प्रेमचंद के घर के सामने मौजूद शोध संस्थान व परिसर में प्रेमचंद पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन होता रहता है।

 

 

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