माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या, जेलर समेत 4 निलंबित

बागपत/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बागपत जेल में सोमवार सुबह माफिया डॉन एवं शार्प शूटर प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर दी गई। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करन के निर्देश देते हुए घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

जांच बागपत के सिटी मजिस्ट्रेट करेंगे। इस घटना के सिलसिले में बागपत जेल के जेलर, डिप्टी जेलर सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया हैं। बागपत के पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता एवं पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत अदालत में मुन्ना बजरंगी की पेशी होनी थी।

मुन्ना बजरंगी को कल रात ही झांसी जेल से बागपत लाया गया था। जेल में ही सुबह छह बजे साथी कैदी ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस बीच लखनऊ में राज्य के पुलिस उपमहानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीन कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या में कुख्यात अपराधी सुनील राठी गिरोह के बदमाशों का नाम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक मुन्ना बजरंगी के परिवार के सदस्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकत करने उनके आवास पर पहुंचे लेकिन उनके लखनऊ से बाहर होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।

 

गौरतलब है कि मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा भसह ने गत 29 जून को लखनऊ में संवददाता सम्मेलन में झांसी जिला जेल में निरूद्ध पति पर जानलेवा हमले की आशंका जताते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई थी। सिंह ने आतंकवादी निरोधी दस्ता (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाते हुये कहा कुछ पुलिस अधिकारी मेरे पति को फर्जी मुठभेड़ में मारना चाहते हैं।

 

ऐसा तब होगा जब मुन्ना को पैरवी के लिये जेल से अदालत ले जाया जा रहा होगा। उन्होंने कहा था कि पुलिस के आला अधिकारियों के इशारे पर कुछ दिन पहले झांसी जेल में मुन्ना बजरंगी पर जानलेवा हमला किया गया था जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। उन्होंने कहा कि इस षडयंत्र में कुछ सफेदपोश नेता और उद्योगपति भी शामिल हैं। डॉन की पत्नी ने कहा मेरे पति ने जान के खतरे को लेकर न्यायालय को पहले ही बता दिया है।

 

उन्होंने संबंधित न्यायालय को इस बारे में न केवल सूचित किया बल्कि कुछ सफेदपोश नेताओं के नाम भी बताये जो उनकी जान के दुश्मन बने हुए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में मुन्ना बजरंगी वर्ष 2009 से जेल में है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 7 लाख रुपए का इनाम रखा था जिसके बाद मुम्बई में उसे गिरफ्तार किया गया। जेल में रहकर उसने 2012 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लिया था। जौनपुर के मडियाहूं सीट से अपना दल और पीस पार्टी के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर वह चुनाव लड़ा और 12 फीसदी मत हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया था।

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