ईरान पर अमरीकी हमले के विरोध में कई सीनेटरों ने पेंटागन को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। पेंटागन को लिखे पत्र में चालीस से अधिक यूएस सिनेटरों ने ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए बम धमाके का विरोध किया है। इस धमाके में स्कूल पर हुए हमले में 170 से ज़्यादा स्कूली लड़कियों की शहादत पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

अमरीका और इसरायल द्वारा 28 फरवरी को किए गए हमले में इस गोलाबारी के दौरान ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर एयरस्ट्राइक हुई। इस हमले में ज्यादातक बच्चों की मौत हो गई थी। हमलों में मारे गए लोगों में ज़्यादातर 7 से 12 साल की लड़कियां थीं।
मंत्री पीट हेगसेथ को लिखे पत्र में इन सांसदों ने 28 फरवरी को बच्चों के एक स्कूल पर की गई एयरस्ट्राइक को लेकर चिंता जताई है। साथ ही पेंटागन से इस पर जवाब मांगा है। इस पत्र को लिखने वाले समूह में सीनेटर क्रिस वैन होलेन, टिम केन, एलिज़ाबेथ वॉरेन और ब्रायन शैट्ज प्रमुख है। सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर के सहित इसे 40 से ज़्यादा दूसरे सांसदों का समर्थन मिला है।
अमरीकी मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी का हवाला देते हुए सीनेटरों ने बताया कि,लड़ाई में 10 मार्च तक 1,245 से ज़्यादा आम लोग मारे गए हैं और 12,000 से ज़्यादा घायल हुए हैं।
पत्र में सीनेटरों ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ जंग बिना कांग्रेस की मंजूरी के शुरू की गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि अमरीका और इस्राइल दोनों के जंग के दौरान अमरीका और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए।
सीनटेरों की तरफ से स्कूल पर हुए हमलों और आम लोगों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी दूसरी अमरीकी मिलिट्री कार्रवाई की तुरंत जांच की मांग की गई है। साथ ही नतीजों को जल्द से जल्द सार्वजनिक किए जाने की बात भी कही गई है। पत्र के माध्यम से जवाबदेही तय करने के लिए भी कदम उठाए जाने की बात कही गई है।
सीनेटरों ने लड़ाई में आम जनता के हताहत होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने हवाई हमलों में हॉस्पिटल, सांस्कृतिक हेरिटेज साइट्स सहित दूसरे जरूरी सड़क, वहन, ब्रिज को भी निशाना बनाए जाने वाली ख़बरों का भी हवाला दिया है।
सांसदों ने पेंटागन से यह साफ करने को कहा कि क्या ईरान में जिस स्कूल पर हमला किया गया है वह एक ईरान के नेवल बेस के पास था। उनका सवाल है कि क्या अमरीकी सुरक्षा बलों ने स्कूल पर हमला किया था, उस बिल्डिंग की पहचान करने के लिए क्या विषलेषण किया गया था, और आम लोगों की मौत को कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या हमलों की प्लानिंग करने या उन्हें अंजाम देने में एआई से बने टारगेट को सत्यापित करने के लिए क्या सेफगार्ड थे।
इस हमले के लिए ईरान ने यूएस और इज़राइली सेना को ज़िम्मेदार ठहराया है, अमरीकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, एक मिलिट्री जांच में पाया गया है कि मिनाब स्कूल पर हमला यूएस सेना की तरफ से निशाना साधने की गलती थी।














