प्रदेश के शिक्षामित्रों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। विधानसभा में राज्य विधानमंडल के बजट सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की बात कही है।

विधानसभा में बीते दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अप्रैल से शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये मानदेय मिलने की बात कही है। अभी तक दिए मानदेय की राशि 10,000 रुपये थी। इसके अलावा शिक्षामित्रों को 5 लाख तक कैशलेस इलाज भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा केवल शिक्षामित्रों को ही नहीं बल्कि अनुदेशकों के लिए भी अहम ऐलान किया गया है जिसके तहत अब अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इस समय राज्य में करीब 28 हजार अनुदेशक कार्यरत हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में इस समय लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्र हैं और यह सभी संविदा पर काम करते हैं। इस ऐलान से यूपी में शिक्षा मित्रों के वेतन में 80 फीसद का इजाफा हुआ है। वही दूसरी तरफ कुछ जानकार इस फैसले को चुनाव से प्रेरित बता रहे हैं। उनका मानना है कि राज्य सरकार का यह ऐलान आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस फैसले के ज़रिए विपक्ष पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि शिक्षामित्र और अनुदेशकों को 3,000 रुपये मिलते थे, जिसे 10,000 किया गया और अब अप्रैल से उन्हें 18,000 रुपए मिलेंगे। एलान में यह भी कहा गया कि अनुदेशक 17,000 रुपये पाएगा जिसके तत्काल भुगतान की व्यवस्था की जा रही है। बताते चलें कि समाजवादी पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों ने इस बजट सत्र में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय का मुद्दा उठाया था।
