हंगामेदार होगा मॉनसून सत्र, गूंजेंगे कानून व्यवस्था और दलित उत्पीड़न के मुद्दे

लखनऊ। यूपी विधानसभा के 22 अगस्त से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। इसमें विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। खासकर बुलंदशहर में हाईवे पर हुई रेप की घटना और पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर विपक्षी दल अखिलेश सरकार पर सवाल खड़ा करेंगे।

Lucknow: Youth Congress members protesting against Muzaffarnagar riots in front of Vidhan Sabha in Lucknow on Monday. PTI Photo by Nand Kumar (PTI9_16_2013_000195B)

मानसून सत्र के दौरान कानून व्यवस्था अहम मुद्दा होगा। भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना का कहना है कि पुलिस पर लगातार हमले हो रहे हैं। जिनको सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है वे पुलिस वाले ही पिट रहे हैं। यूपी में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर है। जिसे पार्टी सदन में उठायेगी। इसके अलावा फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत गरीबों को सस्ता अनाज हो रही गड़बड़ियों को लेकर भी सरकार पर हल्ला बोला जाएगा। सरकार ने कहा था कि वह एक मार्च से राशनकार्ड बनाकर इस बिल को लागू कर देगी। मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकारी विज्ञापनों का मुद्दा भी उठायेगा। विपक्ष विज्ञापनों में खर्च किए गए धन को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

इन मुद्दों के अलावा बहुजन समाज पार्टी प्रदेश में दलितों पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार को सदन में घेरने की तैयारी में है। इसमें भी कानून-व्यवस्था मुख्य मुद्दा होगा। साथ ही पार्टी विकास के नाम पर सरकार के कामकाज पर भी सवाल किए जायेंगे। बसपा प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर का कहना है कि पार्टी प्रदेश के मौजूदा ज्वलंत मामलों को सदन में रखेगी।

मानसून सत्र का कार्यक्रम
-22 अगस्त को निधन के निर्देश।
-23 अगस्त को औपचारिक कार्य, अध्यादेश और अधिसूचनाएं पटल पर रखी जाएंगी।
-दोपहर 12.20 बजे अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
-24 अगस्त को बजट पर चर्चा और मतदान होगा।
-25 अगस्त को जन्माष्टमी का अवकाश रहेगा।
-26 अगस्त को आधा दिन विधायी कार्य और आधा दिन असरकारी दिवस होगा।
-27 और 28 अगस्त को शनिवार और रविवार होने के कारण बैठक नहीं होगी।
-29 और 30 अगस्त को विधायी कार्य होंगे।

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