यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को 2025 के लिए मानवीय मदद देने वाला तीसरा सबसे बड़ा ग्लोबल डोनर माना गया है, जैसा कि यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर द कोऑर्डिनेशन ऑफ ह्यूमैनिटेरियन अफेयर्स (UNOCHA) ने अपनी फाइनेंशियल ट्रैकिंग सर्विस (FTS) के ज़रिए बताया है।

यूनाइटेड नेशंस ने यूनाइटेड अरब अमीरात को सबसे बड़ा मदद देने वाला देश बताया है। साथ ही यह बात भी सामने आई कि यूएई दुनिया भर के संकटों में सबसे तेज़ी से मदद करने वाला देश रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड नेशंस दुनिया भर में मदद दे रहा है। यूएई की सालाना मदद $1.5 बिलियन थी, जिसमें 2025 में सबसे ज़्यादा मदद फ़िलिस्तीन को मिली। भारतीय मुद्रा में यह राशि 100 करोड़ होती है।
हिज़ हाइनेस शेख थेयाब बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान, प्रेसिडेंशियल कोर्ट फॉर डेवलपमेंट एंड फॉलन हीरोज़ अफेयर्स के डिप्टी चेयरमैन और इंटरनेशनल ह्यूमैनिटेरियन एंड फिलैंथ्रोपिक काउंसिल के चेयरमैन, ने कहा कि प्रेसिडेंट हिज़ हाइनेस शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के नेतृत्व में, यूएई मानवीय और विकास से जुड़े कामों में दुनिया भर में अपनी लीडरशिप को मज़बूत करना जारी रखे हुए है।
मीडिया रिपोर्ट में से मिली जानकारी से पता चला है कहा गया है कि गाज़ा में फ़िलिस्तीनियों को दी जाने वाली दुनिया भर की मदद का 44 परसेंट यूएई से भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई ने सूडान संकट के लिए 600 मिलियन की मदद दी, जबकि 90,000 टन मानवीय मदद भी दी। यूएई ने अफ़गानिस्तान भूकंप के पीड़ितों को तुरंत मदद दी, और यूएई दुनिया भर के संकटों में सबसे तेज़ी से मदद करने वाला देश रहा है।
