तुर्की के अभियोजकों ने भ्रष्टाचार के मामलों में इस्तांबुल के मेयर एक्रेम इमामोग्लू के लिए 2,000 साल से ज़्यादा की जेल की सज़ा की मांग की है। एक्रेम ओग्लू और रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल के मेयर एक्रेम इमामोग्लू के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई के दौरान, मुख्य अभियोजक (Prosecution) ने भ्रष्टाचार नेटवर्क में शामिल होने के लिए 401 लोगों पर आरोप लगाया।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संदिग्धों पर राज्य को 3 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान पहुँचाने का आरोप है। एक्रेम ओग्लू भ्रष्टाचार के मामलों में मार्च से जेल में हैं।
इस्तांबुल के विपक्षी मेयर एक्रेम इमामोग्लू पर कथित तौर पर एक विशाल भ्रष्टाचार नेटवर्क चलाने का आरोप है जिससे राज्य को अरबों लीरा का नुकसान हुआ है।
एक्रेम ओग्लू और रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इमामोग्लू ने पहले अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उनकी पार्टी ने मंगलवार को नए अभियोग को “बकवास” बताकर खारिज कर दिया।
एर्दोगन के आलोचकों पर एक साल से चल रही अभूतपूर्व कानूनी कार्रवाई अबअब और गहरी होती नज़र आ रही है। दरअसल इस्तांबुल के अभियोजक ने उच्च न्यायालय से इमामोग्लू की मुख्य विपक्षी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) को बंद करने पर विचार करने का अनुरोध किया।
इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक अकिन गुरलेक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियोग की घोषणा करते हुए कहा कि इसमें मेयर सहित 402 संदिग्धों के नाम हैं और उन पर एक आपराधिक संगठन बनाने, रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और बोली में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है।
गुरलेक का कहना है कि इस नेटवर्क ने 10 साल की अवधि में तुर्की सरकार को 160 अरब लीरा (3.8 अरब डॉलर) का नुकसान पहुँचाया। रॉयटर्स द्वारा देखे गए 4,000 से ज़्यादा पृष्ठों के अभियोग पत्र में एक संगठनात्मक चार्ट शामिल है जो इमामोग्लू को आपराधिक समूह का संस्थापक और प्रमुख बताता है।
वहीँ रॉयटर्स द्वारा देखे गए 4,000 से ज़्यादा पन्नों के अभियोग पत्र में एक संगठनात्मक चार्ट शामिल है, जिसमे इमामोग्लू को आपराधिक समूह का संस्थापक और प्रमुख कहा गया है। इसमें वित्तीय अपराध जाँच बोर्ड (MASAK) के हवाले से यह आरोप लगाया गया है कि मामले में कई व्यवसायियों को नगरपालिका के भीतर संचालित एक गुप्त कोष के माध्यम से रिश्वत देने के लिए मजबूर किया गया था। इसके लिए निष्कर्षों, विशेषज्ञ विश्लेषणों, डिजिटल और वीडियो साक्ष्यों को आधार बनाकर यह बात कही गई।
दूसरी तरफ विपक्ष इन सभी आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए ख़ारिज कर रहा है।
