ट्राई यानी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की ओर से एक सार्वजनिक चेतावनी जारी की गई है। इसमें लोगों को उसके नाम का गलत इस्तेमाल कर साइबर ठगी से बचने के लिए आगाह किया गया है।

बड़े पैमाने पर अंजाम दी जाने वाली इस धोखाधड़ी में ठगों द्वारा खुद को ट्राई अधिकारी बताकर फोन कॉल, मैसेज, नकली दस्तावेज और फर्जी लेटरहेड का उपयोग कर लोगों से उनकी निजी जानकारी या बैंक विवरण प्राप्त किए जा रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर लोगों को धनराशि ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
ट्राई ने स्पष्ट किया है कि उसकी तरफ से ग्राहकों को मोबाइल नंबर बंद करने जैसा कोई मैसेज नहीं भेजा जाता है और न हीं ट्राई की तरफ से किसी तीसरी पार्टी एजेंसी को इस संबंध में अधिकृत किया गया है अथवा ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
ट्राई के नाम पर घोटालों में सिम बंद किए जाने की धमकी या फिर केवाईसी अपडेट की मांग अथवा मोबाइल टावर लगाने का लालच देकर एडवांस फीस वसूलने जैसे साइबर क्राइम का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसमें TRAI के लोगो का उपयोग करते हुए फर्जी ईमेल या पत्र भेजने जैसे कामों की मदद भी ली जा रही है।
“डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड” नामक घोटाले का उल्लेख करते हुए ट्राई ने जानकारी में कहा है कि ठग खुद को ट्राई या कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों पर टेलीकॉम या वित्तीय धोखाधड़ी जैसे आरोप लगाते हैं। इस दौरान वे नकली कानूनी दस्तावेज दिखाकर गिरफ्तारी या बैंक खाता फ्रीज करने की धमकी देते हैं। इसके बाद पीड़ित को जमानत, जुर्माना या सत्यापन शुल्क के नाम पर धनराशि ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों और डिजिटल रूप से कम जानकार लोगों से विशेष अपील करते हुए ट्राई का कहना है कि साइबर क्राइम से सतर्क रहें और इस चेतावनी को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें ताकि इस तरह की ठगी से लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।
प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी में यह भी कहा गया है कि कोई भी नियामक संस्था कॉल, मैसेजिंग ऐप या वीडियो कॉल के माध्यम से उपभोक्ताओं से जांच नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है।
TRAI ने स्पष्ट किया है कि वह टेलीकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं का नियंत्रण करने वाली एक नियामक संस्था है। यह संस्था न तो किसी उपभोक्ता की व्यक्तिगत जांच करती है और न ही आधार, बैंक डिटेल जैसी निजी जानकारी मांगती है। संस्था द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गिरफ्तारी की धमकी देने का कोई औचित्य ही नहीं है।
आमजन से अपील करते हुए TRAI ने कहा है कि ऐसे किसी भी संदेहास्पद या धमकी भरे कॉल को तुरंत काट दें। किसी भी कॉल पर व्यक्तिगत, बैंकिंग या पहचान संबंधी जानकारी साझा न करें और बिना पुष्टि किए किसी भी परिस्थिति में किसी कोई भी धनराशि ट्रांसफर न करें।
ऐसी किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर कर सकते हैं। साथ ही, TRAI DND ऐप या संचार साथी पोर्टल पर ‘चक्षु’ सुविधा के जरिए संदिग्ध नंबरों की रिपोर्ट भी कर सकते हैं।














