अंतर्राष्ट्रीय मिर्गी दिवस की थीम है कहानियों को कार्रवाई में बदलना

अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस 9 फरवरी को मनाया गया। इस दिन मिर्गी के बारे में जागरुकता फैलाने और मरीजों के इलाज के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय मिर्गी दिवस की थीम है कहानियों को कार्रवाई में बदलना

अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस 2026 का मुख्य विषय “कहानियों को कार्रवाई में बदलना” है, जो जागरूकता, शिक्षा और समय पर उपचार के महत्व को उजागर करता है। “कहानियों को कार्रवाई में बदलना” अभियान सभी को जागरूकता से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। फिर चाहे सामुदायिक शिक्षा के ज़रिये हो, नीतिगत वकालत से या सीधे रोगियों की सहायता के माध्यम से। रोगियों के व्यक्तिगत अनुभव बहुमूल्य नजरिया प्रदान करते हैं जो बेहतर उपचार पद्धतियों और जन समझ को दिशा देने में मददगार हो सकते हैं।


मिर्गी की समस्या किसी भी परिस्थिति के कारण या आनुवांशिक हो सकती है मगर अच्छी बात यह है कि इसका इलाज पूरी तरह से संभव है। साथ ही उचित और समय पर मिलने वाले इलाज की मदद से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।


मिर्गी एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। यह आज भी दुनिया में सबसे ज्यादा गलत समझी जाने वाले बीमारियों में से है। दरअसल यह दिमाग में होने वाली असमान्य इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी के कारण होती है। इस बीच मरीज़ को दौरा पड़ता है जिससे शरीर में झटके आने के अलावा कुछ देर के लिए होश खो देना या आंखों का ऊपर की ओर चढ़ जाने जैसे लक्षण सामने आते हैं। अकसर इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति अहिंसक भी हो सकते हैं।

इस बीमारी मरीज़ों में अधिकतर समझ या क्षमता जैसी समस्या नहीं होती है। इनमे अधिकतर मरीज सही इलाज से पूरी तरह से ठीक होकर सामान्य जीवन जीते हैं। यदि किसी को अचानक मिर्गी का दौरा पड़े तो वहां मौजूद व्यक्ति भी उसे फर्स्ट एड देकर मदद कर सकता है। इसके लिए सबसे पहले बिना घबराए हुए मरीज़ को एक करवट से लिटा दें। मरीज़ की गर्दन या गले के आस पास के कपड़े ढीले कर दें। उसे थामे रहें जिससे अधिकतर दौरा एक दो मिनट में शांत हो जाता है। यदि बार-बार दौरे पड़ें और इसका समय अधिक हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

मिर्गी का दौरा किसी हादसे को देखकर भी हो सकता है। आज जब डिजिटलाइजेशन के दौर में लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ा है, वहीँ इससे समस्या भी बढ़ी है। लेकिन खास बात यह है कि इस समस्या पर जागरुकता से काबू पाया जा सकता है।

मिर्गी के कारण
सिर में गंभीर चोट
आनुवांशिक
ब्रेन इंफेक्शन
ट्यूमर या स्ट्रोक
तेज बुखार,
लो ब्लड शुगर
नींद की कमी
बहुत ज्यादा तनाव
तेज चमकती रोशनी
अधिक स्क्रीन टाइम

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