दुनियाभर में दिखा सितारों की बारिश का नजारा

दुनिया भर में तारे देखने के शौकीनों ने 13 और 14 दिसंबर की रात को तारों की बारिश का मनमोहक नजारा देखा। यह आयोजन हर साल 4 दिसंबर से शुरू होता है। यह 13 और 14 दिसंबर की रात को अपने चरम पर पहुंचता है, और 24 दिसंबर तक रुक-रुक कर नज़र आता रहता है।

दुनियाभर में दिखा सितारों की बारिश का नजारा

पूरी दुनिया में जेमिनीड उल्कापात (Geminid meteor shower) का मनमोहक नजारा देखने को मिला।


नासा के मुताबिक, फेथॉन 3200 नाम का एक क्षुद्रग्रह (Asteroid) हमारे सौर मंडल में एक लंबी अण्डाकार कक्षा में चक्कर लगा रहा है। यह हर साल दिसंबर में पृथ्वी की कक्षा को पार करता है। फेथॉन 3200 के कई कण पृथ्वी के करीब से गुजरते हुए पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से हमारे वायुमंडल में प्रवेश कर जाते हैं।


वैसे तो सितारों की बारिश पूरी दुनिया में देखी जाती है, मगर दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में ये उत्तरी गोलार्ध के देशों में ज़्यादा स्पष्ट नज़र आती है।


ये असंख्य कण अपनी तीव्र गति और जमीन के साथ घर्षण से प्रज्वलित हो जाते हैं, जिससे अंधेरी रात में प्रकाश की एक लकीर दिखाई देने लगती है, जिसे उल्कापात (meteor shower) के नाम से जाना जाता है।

इस दृश्य में 100 से अधिक निकट-पृथ्वी उल्काएँ हर घंटे देखी जा सकती हैं और ये दूरबीन के बिना आंखों से दिखाई देती हैं। इस साल अमावस्या के कारण क्योंकि आकाश ज़्यादा ही गहरा था, जिससे ये नज़ारा और भी अधिक उज्ज्वल और स्पष्ट दिखा।

हालाँकि यह घटना पूरी दुनिया में देखी जाती है, मगर सबसे अच्छी वर्षा का दृश्य उत्तरी गोलार्ध के देशों जैसे ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, कनाडा आदि में नज़र आता है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध के रहने वाले, उत्तरी गोलार्ध के रहने वालों की तुलना में इसे कुछ कम स्पष्ट देख पाते हैं।

बड़े शहरों में प्रकाश प्रदूषण के कारण ये दृश्य भले ही स्पष्ट न हों, लेकिन शहर से दूर अंधेरी जगह में तारों की बौछार देखना एक आनंददायक अनुभव है। इसी सिलसिले में एक स्टार पार्टी का भी आयोजन किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में लोग एक अंधेरी जगह पर बैठकर जेमिनीड मेट्रो शावर का नज़ारा करते हैं।

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