प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर प्रशासन की सख्ती के बाद माहौल में तनाव

प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे यूपीपीएससी अभ्यर्थियों और प्रशासन के बीच माहौल में तनाव है। छात्र प्रदर्शन के चौथे दिन प्रशासन ने कार्रवाई की है।

प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर प्रशासन की सख्ती के बाद माहौल में तनाव

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बाहर धरना दे रहे प्रतियोगी छात्र पीसीएस और आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षाएं दो दिन आयोजित कर इन परीक्षाओं में मानकीकरण यानी नॉर्मलाइजेशन लागू करने का विरोध कर रहे हैं।

हालात पर काबू पाने के लिए धरना स्थल के चारों तरफ बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है। छात्र पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आज सुबह आठ बजे अचानक पुलिस फोर्स ने हटाने का प्रयास किया। प्रदर्शन कर रहे छात्र ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके साथियों के साथ खींचतान की जिससे कई छात्राएं चोटिल हो गईं। छात्रों ने यह आरोप भी लगाया कि कई पुलिस कर्मी बिना वर्दी के थे।

छात्राओं का कहना है कि उनके साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। छात्राओं के साथ अभद्रता भी हुई है। अब छात्राओं ने ही मोर्चा संभाल लिया है और धरने का खुद नेतृत्व कर रही हैं।

डीएम और अभ्यर्थियों के बीच देर रात चलने वाली वार्ता नाकामयाब रही। जहाँ एक ओर इन अभ्यर्थियों ने राजनेताओं को आंदोलन से दूर रहने को कहा है वहीँ डीएम ने भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

प्रयागराज यूपीएससी कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि करीब 11 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डिटेन किया है। साथ ही पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ गलत व्यवहार किये जाने का भी आरोप है। इसमें सादी वर्दी में आई पुलिस द्वारा प्रदर्शनस्थल पर जोर ज़बरदस्ती किये जाने का आरोप भी छात्रों द्वारा लगाया गया है।

छात्रों का कहना है कि मानकीकरण को वापस लिया जाए। उनके मुताबिक़, जब तक इसकी नोटिस जारी नहीं होती है, आंदोलन खत्म नहीं होगा। बताते चलें कि बुधवार रात को भी बड़ी संख्या में छात्र आयोग के बाहर जमा हुए।

ऐसे में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव आज प्रयागराज दौरे पर हैं। अनुमान है कि वह प्रदर्शनस्थल पर पहुंचेंगे। इसके अलावा आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सपा नेता इरफान सोलंकी पर फैसला भी आ सकता है।

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