द लैंसेट की रिपोर्ट मुताबिक़, दुनिया भर में होने वाली मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण ई कोलाई इंफेक्शन बनता जा रहै है। ई कोलाई बैक्टीरिया से होने वाले इस बैक्टीरियल इंफेक्शन को ई कोलाई इंफेक्शन (E- Coli Infection) या Escherichia coli Infection भी कहा जाता है। बरसात में ये बैक्टीरिया और भी अधिक खतरनाक हो जाता है।
ई कोलाई (Escherichia coli या E. coli) एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो इंसानों और जानवरों की आंतों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। इसके अधिकांश स्ट्रेन हानिरहित होते हैं, लेकिन कुछ खतरनाक स्ट्रेन गंभीर संक्रमण और बीमारी का कारण बन सकते हैं।
अकसर साफ-सफाई की कमी या फिर गंदे हाथों से खाना खाना इसका शिकार बनाता है।
इसके फैलने का प्रमुख कारण दूषित भोजन या पानी का सेवन होता है। विशेषकर अधपका मांस, बिना पाश्चुरीकृत दूध और ठीक से न धोए गए फल-सब्जियां इन माध्यमों में शामिल हैं।
एस्चेरिचिया कोलाई (E. coli) बैक्टीरिया का एक समूह है। संक्रमण के मुख्य लक्षण
दूषित पानी के सेवन के 3 से 4 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं। संक्रमण की चपेट में आने पर पेट में तेज ऐंठन और दर्द हो सकता है। इसके साथ ही अचानक पेट ख़राब होता है जो बाद में बिगड़ता चला जाता है। कभी-कभी हल्का बुखार, कमजोरी और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना भी इसके लक्षण हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ वयस्क एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण हेमोलिटिक यूरेमिक सिंड्रोम (HUS) का रूप ले सकता है, जिससे किडनी फेल होने का खतरा रहता है।
बारिश के दिनों में यह समस्या आम हो जाती है। बरसात के दिनों में नालियों का ओवरफ्लो होकर जल स्तर में मिलना इसको विस्तार देता है। ध्यान रहे कि इस संक्रमण के कारण पानी के स्वाद, गंध या रंग में कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए केवल लैब टेस्ट से ही इसका पता चलता है।
बचाव
खाने पानी की सफाई के साथ हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
फलों और सब्जियों को साफ पानी से धोएं और मांस को अच्छी तरह पकाकर खाएं।
गंभीर मामलों या लक्षणों के बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें और ओआरएस या पर्याप्त तरल पदार्थ लें।
यदि आप निजी बोरवेल का उपयोग करते हैं, तो प्रमाणित प्रयोगशाला में उसकी जांच जरूर करवाएं।
स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें।