सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी के साथ परीक्षा कैंसल किये जाने की मांग रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने आज 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की पीठ वैकल्पिक मूल्यांकन की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी। 15 से अधिक राज्यों के कक्षा 10 और 12 के छात्रों द्वारा दायर याचिका में आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी के साथ परीक्षा कैंसल किये जाने की मांग रद्द की

फिजिकल मोड के माध्यम से परीक्षा आयोजित नहीं करने के निर्देश की मांग के साथ ही याचिका में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए तिथि घोषित करने और बारहवीं कक्षा के उन छात्रों के लिए मूल्यांकन के लिए एक सूत्र तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश देने की भी प्रार्थना की गई थी जो गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अपनी आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं।

याचिका को खारिज करते हुए, जस्टिस खानविलकर ने कहा- “ये याचिकाएं झूठी उम्मीदें पैदा करती हैं, अधिकारियों को निर्णय लेने दें। आप उस आदेश को चुनौती दे सकते हैं।” बोर्ड परीक्षा रद्द करने की याचिका पर सुनवाई जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और सीटी रविकुमार की बेंच ने की।

न्यायमूर्ति खानविलकर ने याचिका को ‘प्रचार’ बताते हुए याचिकाकर्ताओं को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा- ‘हर जगह न्यूज’, किस तरह की याचिकाएं दायर की जाती हैं और प्रचार किया जा रहा है? इसे रोकना होगा। फिर से मत आना वरना बहुत अच्छा कोस्ट लगेगा। छात्रों और अधिकारियों को अपना काम करने दें। आप इस तरह जनहित याचिका नहीं कर सकते। जिसने भी दायर किया है हम उस याचिकाकर्ता के लिए कह रहे हैं।”

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